अयोध्या विवाद को मध्यस्थता के जरिये सुलझाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट कल अपना फैसला सुनाएगा. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पांच जजों की खंडपीठ सुबह 10.30 बजे सुनाएगी. इस खंडपीठ में जस्टिस एसए बोबड़े, वीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस अब्दुल नजीर भी शामिल होंगे. इससे पहले बुधवार को इस मुद्दे पर इसी खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया था.

तब इस खंडपीठ ने यह भी कहा था कि अयोध्या का विवाद सिर्फ जमीन का विवाद नहीं है बल्कि यह दो समुदायों से जुड़ा मसला भी है. शीर्ष अदालत का यह भी कहना था कि इस मुद्दे के ऐसे समाधान की जरूरत है जो हर किसी को स्वीकार्य हो. हालांकि तब सुनवाई के दौरान हिंदू महासभा ने इस विवाद को मध्यस्थता के जरिये सुलझाने पर असहमति जताई थी. लेकिन बाद में उसने अपना विचार बदलते हुए इसे मान लिया. उधर, सुन्नी वक्फ बोर्ड पहले ही इसे मध्यस्थता के जरिये सुलझाने की बात कह चुका है.

सुप्रीम कोर्ट अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. इससे पहले साल 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित 2.77 एकड़ की जमीन को निर्मोही अखाड़ा, रामलला विराजमान और सुन्नी वक्फ बोर्ड में बराबर बांट दिया था.