जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को अपने एक बयान के लिए अपनी ही पार्टी के नेताओं की आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. स्क्रोल डॉट इन के मुताबिक जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर से कहा है, ‘आज आप प्रवचन दे रहे हैं. लेकिन तब आपका यह ज्ञान कहां था जब जेडीयू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ दोबारा गठजोड़ करने का फैसला किया था.’

नीरज कुमार का यह भी कहना है, ‘प्रशांत किशोर को यह नहीं भूलना चाहिए कि पार्टी में उनका औपचारिक प्रवेश बिहार में जेडीयू-भाजपा के गठजोड़ के बाद ही हुआ था.’ एक चुनाव रणनीतिकार के तौर पर पहचाने जाने वाले प्रशांत किशोर सितंबर 2018 में जदयू के साथ जुड़े थे. बाद में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था.

इससे पहले इसी शुक्रवार को एक इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने कहा था कि उनकी पार्टी ने जिस तरह भाजपा के साथ दोबारा गठजोड़ किया वह उसके ‘तरीके’ से सहमत नहीं हैं. उनके मुताबिक, ‘जेडीयू अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसके लिए नया जनादेश हासिल करना चाहिए था.’ उनका यह भी कहना था, ‘नीतीश कुमार ने जुलाई 2017 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस के महागठबंधन से अलग होने का फैसला किया था. वह फैसला सही था या नहीं उसे मापने का कोई पैमाना नहीं है.’ हालांकि उसी इंटरव्यू में किशोर ने नीतीश कुमार के उस फैसले को बिहार के ‘हित’ में किया फैसला भी बताया था.

इस बीच मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने प्रशांत किशोर को जदयू छोड़ने की सलाह दी है. फेसबुक पर लिखी एक पोस्ट के जरिये उन्होंने कहा है, ‘मैं नीतीश कुमार को अरसे से जानता हूं. वे किसी स्वाभिमानी और स्वतंत्र विचार रखने वाले व्यक्ति को अपने करीब सहन नहीं कर सकते.’ तिवारी का यह भी कहना है, ‘प्रशांत किशोर के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे अपनी राय बेबाकी के साथ रखते हैं. हालांकि उनका नाम और शोहरत दूर तक फैल चुकी है. ऐसे में कहीं भी उनका स्वागत होगा.’