कुछ साल पहले जब भारत में सेडान का मतलब पूछा जाता था तो अक्सर एक ही जवाब मिलता, ‘होंडा सिटी’. और अगर कोई आगे पूछ बैठता कि उससे बढ़िया कौन? तो भी जवाब लगभग तय था, ‘ऑफकोर्स होंडा सिविक, और कौन!’

जापान की वाहन निर्माता कंपनी होंडा ने इस हफ़्ते भारत में अपनी उसी एग्ज़िक्यूटिव सेडान ‘सिविक’ का नया अवतार पेश कर दिया है. इस कार के साथ कभी जुड़ चुके विशेषणों पर अब बहस की भरपूर गुंजाइश नज़र आती है. लेकिन देश में एक बड़ा वर्ग अब भी मौजूद है जो अपनी नई सेडान के तौर पर सिविक-2019 को घर लाने का इंतजार लंबे समय से कर रहा था. यही कारण है कि बुकिंग शुरु होने के महज़ 20 दिनों में ही इस कार की 1100 यूनिट बुक की जा चुकी हैं.

ख़बरें बताती हैं कि कंपनी ने इस कार को सात साल बाद अपडेट किया है और वैश्विक स्तर पर यह सिविक की दसवीं पीढ़ी है. कंपनी ने नई सिविक को सबसे पहले ऑटो एक्सपो-2018 में शोकेस किया था. हालांकि सिविक-2019 हूबहू उस मॉडल से नहीं मिलती. कार के मौजूदा मॉडल से तुलना करें तो नई सिविक को बहुत सारे तकनीकी और कॉस्मेटिक बदलावों के साथ बाज़ार में उतारा गया है.

एल-शेप के डेटाइम रनिंग लैंप्स (डीआरएल) के साथ लगी स्लीक डिज़ायन की हेडलाइट्स और फ्रंट क्रोम ग्रिल व सी-शेप की क्रोम से सजी बंपर के पास की जगह इसे आगे से आकर्षक बनाती है. वहीं कार का रियर प्रोफाइल बूमरैंग लुक के एलईडी टेललैंप क्लस्टर के साथ खूबसूरत नज़र आता है. यह कार 17 इंच के डुअल टोन अलॉय व्हील्स के साथ किसी को भी लुभाने के लिए काफ़ी है. कार के फीचर्स की बात करें तो यहां आपको 8- तरह से एडजस्ट की जा सकने वाली ड्राइवर सीट, डुअल ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल, रिमोट इंजन स्टार्ट, इलेक्ट्रिक सनरूफ और एपल कार प्ले व एंड्रॉइड ऑटो के साथ 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलते हैं. सिविक का केबिन पहले से ज्यादा जगह के साथ कई मामलों में स्मार्ट और बेहतर तरीके से सजा हुआ दिखता है.

यदि कार की सुरक्षा की बात करें तो सिविक-2019 अपने सेगमेंट की पहली कार है जिसमें होंडा लेन वॉच ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम दिया गया है. इस सप्लीमेंट फीचर के तहत कार के साइड मिरर्स (अक्सर राइट) में एक कैमरा फिट किया जाता है जिसके ज़रिए ड्राइवर अपनी गाड़ी के अगल-बगल वाले उन हिस्सों को इंफोटेनमेंट सिस्टम की स्क्रीन पर देख पाता है, जो आमतौर पर साइड मिरर्स से नज़र नहीं आते. इस तरह बिना रोड से नज़रें हटाए ड्राइवर को अपने आस-पास चल रही गाड़ियों का आभास हो जाता है. खास तौर पर तंग सड़कों या हाइवे पर ओवरटेक करते समय यह फीचर बेहद कामगर साबित होता है.

इसके अलावा इस कार में कई प्रीमियम सेफ्टी फीचर्स भी मिलते हैं, जिनमें- 6-एयरबैग, हिल स्टार्ट असिस्ट, व्हीकल स्टेबिलिटी असिस्ट, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम के साथ एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) शामिल हैं. होंडा ने सिविक के पेट्रोल और डीज़ल दोनों फ्युअल ट्रिम्स के साथ तीन ग्रेड- वी, वीएक्स और ज़ेडएक्स बाज़ार में उतारे हैं.

यदि सिविक-2019 के पेट्रोल वेरिएंट की बात करें तो यहां आपको 1.8 लीटर क्षमता का एसओएचसी आई- वीटीईसी इंजन मिलता है जो 139 की अधिकतम पॉवर के साथ 174 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करने में सक्षम है. कंपनी का दावा है कि इस इंजन के साथ यह कार 16.50 किमी/लीटर की आकर्षक माइलेज देने में सक्षम है. वहीं कार के डीज़ल वेरिएंट में 1.6 लीटर क्षमता का इंजन लगाया गया. कंपनी की ही एसयूवी सीआरवी से लिया गया यह इंजन 118 बीएचपी की पॉवर के साथ 300 एन का अधिकतम टॉर्क पैदा कर सकता है. कंपनी की मानें तो यह इंजन 26.80 किमी/लीटर का माइलेज देता है.

यदि आप इस कार को घर लाना चाहते हैं तो कंपनी ने इस कार के लिए शुरुआती एक्सशोरूम कीमत 17.70 लाख रुपए रखी है जो इसके टॉप मॉडल के लिए 22.30 लाख रुपए तक जाती है. भारतीय बाज़ार में सिविक-2019; स्कॉडा ऑक्टेविया, टोयोटा कोरोला और ह्युंडई एलांट्रा के लिए मुश्किल बन सकती है.

भारत में फॉक्सवैगन पर भारी जुर्माना

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने जर्मनी की कार कंपनी फॉक्सवैगन इंडिया पर 500 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. खबरों के मुताबिक जुर्माने की यह रकम चुकाने के लिए एनजीटी ने कपंनी को दो महीने का वक्त दिया है. कंपनी के खिलाफ यह जुर्माना अपनी डीजल कारों में उत्सर्जन (नाइट्रोजन ऑक्साइड का) छुपाने वाले उपकरणों का इस्तेमाल करके पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाया गया है.

गुरुवार को यह फैसला एनजीटी के अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने सुनाया. इस खंडपीठ ने यह भी कहा कि टिकाऊ विकास के लिए तय नियमों का ध्यान रखा जाना जरूरी है. इसके साथ ही खंडपीठ ने वायु प्रदूषण निगरानी कमेटी को सलाह दी कि वह चाहे तो जुर्माने की रकम को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी इस्तेमाल कर सकती है.

इससे पहले एक स्कूल के शिक्षक सहित कुछ अन्य लोगों ने फॉक्सवैगन की कारों द्वारा उत्सर्जन नियमों के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई थी. साथ ही इस कंपनी की कारों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी की गई थी. इसके मद्देनजर एनजीटी ने जांच के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), भारी उद्योग मंत्रालय, ऑटोमोटिव एसोसिएशन ऑफ इंडिया और राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी शोध संस्थान के प्रतिनिधियों का एक संयुक्त दल गठित किया था.

इस संयुक्त दल ने फॉक्सवैगन को मामले में दोषी पाया था. साथ ही उसने इस नुकसान के बदले कंपनी पर 171.34 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव भी दिया था. संयुक्त दल की रिपोर्ट के आधार पर नवंबर 2018 में एनजीटी ने फॉक्सवैगन को दोषी ठहराया था. साथ ही उस वक्त एनजीटी ने इस जर्मन कंपनी को सीपीसीबी के पास 100 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि जमा कराने के आदेश भी दिए थे.

टाटा मोटर्स की तीन गाड़ियों की झलक

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने जेनेवा मोटर्स शो-2019 में अपनी तीन नई गाड़ियों से पर्दा हटाया है. कंपनी की 7-सीटर एसयूवी ‘बज़ार्ड’ इनमें से एक है. फिलहाल टाटा ने अपनी इस एसयूवी को एच7एक्स नाम दिया हुआ है. इस कार के साथ ही कंपनी ने बज़ार्ड स्पोर्ट एसयूवी भी इस मोटर शो में शोकेस की है. जानकारों की मानें तो यह वही कार है जिसे कुछ समय पहले टाटा ने भारत में ‘हैरियर’ के नाम से लॉन्च किया था. हालांकि इस मॉडल के लिए कंपनी द्वारा हैरियर के एक्सटीरियर में कुछ अहम बदलाव करने की भी जानकारी है.

टाटा बज़ार्ड
टाटा बज़ार्ड

टाटा मोटर्स ने बज़ार्ड को अपने उसी ऑप्टिमल मॉड्युलर एफिशिएंट ग्लोबल एडवांस्ड (ओमेगा) प्लेटफॉर्म पर बनाया है जिस पर हैरियर को बनाया गया था. कंपनी ने इस प्लेटफॉर्म को अपनी सहयोगी कंपनी लैंडरोवर के ‘ओमेगार्क’ प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है. प्रीमियम सेगमेंट की लोकप्रिय एसयूवी ‘डिस्कवरी स्पोर्ट्स’ में भी इसी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है. संभवत: टाटा, बज़ार्ड में भी हैरियर वाला 2.0-लीटर का कायरोटेक डीज़ल इंजन उपलब्ध कराया जाएगा. चार-सिलेंडर वाला यह इंजन बीएस-VI मानकों पर खरा उतरता है और 3750 आरपीएम पर 140 बीएचपी पॉवर और 2500 आरपीएम पर 350 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा करने में सक्षम है.

जेनेवा मोटर्स शो-2019 में टाटा द्वारा पेश की गई गाड़ियों की फेहरिस्त में दूसरा नाम कंपनी की माइक्रो या सबकॉम्पैक एसयूवी के कॉन्सेप्ट का है, जिसे कंपनी ने एच2एक्स कोडनेम दिया है. एच2एक्स कितनी खूबसूरत कार है, इसका अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि टाटा ने इस कार को जेनेवा मोटर शो-2019 के लिए अपनी शो-स्टॉपर चुना है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस कार के प्रोडक्शन वेरिएंट को अगले साल की दूसरी तिमाही में लॉन्च किया जा सकता है.

टाटा एच2एक्स
टाटा एच2एक्स

जानकारी के मुताबिक भविष्य की कार कही जा रही एच2एक्स को टाटा अपने बिल्कुल नए अजाइल लाइट फ्लेक्सिबल एडवांस (अल्फा) पर तैयार कर सकती है. संभावना यह भी है कि टाटा इस कार को इलेक्ट्रिक एसयूवी के रूप में भी बाज़ार में उतार सकती है. सूत्रों का कहना है कि टाटा मोटर्स इस कार का नाम एक पक्षी के नाम पर रखने जा रही है. हाल-फिलहाल ‘हॉर्नबिल’ इस पसंद में सबसे ऊपर माना जा रहा है.

इस मोटर शो में टाटा की जिस पेशकश पर सबसे ज्यादा निगाहें टिकी, वह प्रीमियम हैचबैक सैगमेंट की ‘अल्ट्रोज़’ थी. यह नाम अल्बात्रोस चिड़िया के नाम पर आधारित है. टाटा मोटर्स ने इस कार को सबसे पहले दिल्ली ऑटो एक्सपो-2018 में कॉन्सेप्ट के तौर पर पेश किया था. तब कंपनी ने इस कार को 45एक्स कोडनेम दिया गया था. अल्ट्रोज़ कंपनी की पहली कार है जिसे अल्फा अर्किटेक्चर पर तैयार किया गया है. हल्का होने के साथ इस आर्किटेक्चर की खासियत है कि इस पर आधारित कार को किसी भी मॉडर्न रेन्ज में बदला जा सकता है. यानी इस प्लेटफॉर्म पर बनी कार कार को गैस, डीज़ल और इलेक्ट्रिसिटी किसी भी पॉवरट्रेन वर्ज़न में लॉन्च किया जा सकता है.

टाटा अल्ट्रोज़
टाटा अल्ट्रोज़

टाटा मोटर्स ने अल्ट्रोज़ को अपनी 2.0 डिज़ाइन लैंग्वेज पर तैयार किया है. इसकी मदद से इस कार की डिज़ायन को बेहतर बनाने के साथ इसे आधुनिक तकनीक, हाईटेक फीचर्स और कनेक्टिविटी के साथ बेहतरीन परफॉर्मेंस से लैस किया जा सकता है. अलट्रोज़ से पहले टाटा मोटर्स इस डिज़ाइन लैंग्वेज पर टिआगो, टिगोर, हेक्सा और अपनी लोकप्रिय सबकॉम्पैक एसयूवी नेक्सन तैयार कर चुकी है. कयास हैं कि अल्ट्रोज़ के साथ टाटा मोटर्स भारत में लोकप्रिय प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में जल्द ही एंट्री कर सकती है, जिसमें मारुति-सुज़ुकी की बलेनो और ह्युंडई आई-20 जैसी कारें लगातार कमाल करने में सफल रही हैं.