ऑल इंडिया मजसिल-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि आम चुनाव की कुछ तारीखों के रमजान में पड़ने को लेकर लेकर ‘निरर्थक विवाद’ खड़ा किया जा रहा है. एनडीटीवी के मुताबिक उनका कहना है, ‘रमजान के दौरान निश्चय ही मुसलमान रोजे रखेंगे. इस दौरान वे बाहर भी निकलेंगे. अपने दफ्तर भी जाएंगे और अपनी सामान्य जिंदगी जिएंगे. मैं समझता हूं कि रमजान के महीने में ज्यादा मतदान होगा क्योंकि इस महीने में लोग अपने सांसारिक कर्तव्यों से दूर होंगे.’

आगामी आम चुनाव के दौरान मतदान की तीन तारीखों के रमजान के महीने में पड़ने को लेकर कुछ दलों ने विवादित बयानबाजी की है. असदुद्दीन ओवैसी ने अपील की है कि पार्टियां चुनाव और मतदान को लेकर मुस्लिम समुदाय और रमजान का इस्तेमाल न करें. उन्होंने कहा, ‘इस विवाद की कोई आवश्यकता नहीं है.’

इससे पहले इसी रविवार, चुनाव आयोग ने आम चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए 11 अप्रैल से 19 मई के दौरान सात चरणों में मतदान प्रक्रिया पूरी कराने की घोषणा की थी. इसके बाद इस बात पर विवाद शुरू हुआ कि मई के महीने में जब मतदान प्रक्रिया का अंतिम चरण चलेगा तो उस दौरान मुसलमानों का पवित्र महीना रमजान भी शुरू हो चुका होगा. छह, 12 और 19 मई की तारीखें इसी दौरान पड़ रही हैं.

इसी को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता और कोलकाता के मेयर फरहाद हाकिम ने ऐतराज जताया है. साथ ही चुनावी प्रक्रिया को बेहद लंबा बताते हुए उन्होंने कहा है, ‘उन लोगों के लिए वोट डालना सबसे मुश्किल होगा जिन्होंने रोजे रखे होंगे.’ उनका यह भी कहना था, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चाहती है अल्पसंख्यक वर्ग वोट न डाल पाए इसलिए रमजान के महीने में भी मतदान की प्रक्रिया रखी गई है. लेकिन हम इससे चिंतित नहीं हैं.’ टीएमसी नेता के साथ ही आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह ने एक ट्वीट के जरिये इसे मुस्लिम मतदाओं की ‘भागीदारी की कम’ करने की योजना करार दिया है.

इन बयानों पर इस बीच इस चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया भी आई है. आयोग ने कहा है कि रमजान के पूरे महीने में चुनावी प्रक्रिया रोकी नहीं जा सकती. आयोग ने कहा कि उसने मुख्य त्यौहारों, परीक्षाओं और शुक्रवार के दिन मतदान की तारीखें तय नहीं की हैं. वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि यह पहला मौका नहीं है कि जब रमजान के पवित्र महीने में मतदान कराया जा रहा हो. इसके साथ ही उन्होंने भी इस पर खड़े किए जा रहे विवाद को ‘बेवजह’ बताया है.