दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. खबरों के मुताबिक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा है, ‘लोकसभा के आगामी चुनाव में दिल्ली की जनता पूर्ण राज्य का दर्जा पाने के लिए वोट करेगी.’ इसके साथ ही सरकार पर दिल्ली के साथ पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘केंद्र से गुजरात को 26 हजार करोड़ जबकि उत्तर प्रदेश को डेढ़ लाख करोड़ रुपये मिलते हैं. इनकम टैक्स भरने के लिहाज से मुंबई के बाद दिल्ली दूसरे स्थान पर है. फिर भी दिल्ली को केंद्र से मिलने वाली रकम सिर्फ 325 करोड़ है. यह दिल्ली का शोषण करने जैसा है.’

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, ‘बीआर आंबेडकर ने जब संविधान बनाया तो उन्होंने हर वोट का मूल्य एक समान बताया. लेकिन बीते 70 सालों से दिल्लीवासियों को उनके वोट का आधा मूल्य ही मिल रहा है क्योंकि यहां के लोग सिर्फ प्रधानमंत्री को ही चुन पाते हैं. जिस राज्य सरकार को दिल्ली के लोग चुनते हैं, उसके पास कानून-व्यवस्था, शिक्षा, नौकरियां वगैरह को लेकर फैसले करने के अधिकार नहीं हैं.’ इसके साथ ही केजरीवाल ने भरोसा दिलाया कि अगर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलता है तो यहां की सुरक्षा-व्यवस्था बेहतर होगी. पुलिस आम लोगों की बात सुनेगी. साथ ही रात के वक्त भी महिलाएं पूरी आजादी के साथ निकल सकेंगी.

इस मौके पर आप के संयोजक ने यह भी कहा कि आगामी आम चुनाव में दिल्ली की सातों संसदीय सीटों पर उनकी पार्टी के प्रत्याशी विजयी होंगे. उन्होंने कहा, ‘पार्टी ने एक आंतरिक सर्वे कराया है. इससे पता चला है कि भारत-पाकिस्तान के मौजूदा तनाव की वजह से लोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाखुश है. इसके अलावा मुस्लिम वर्ग भी केंद्र की सत्ताधारी पार्टी से चिढ़ा हुआ है.’ अरविंद केजरीवाल के मुताबिक उनकी अगुवाई वाली सरकार ने दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों के विकास पर ध्यान दिया है. साथ ही राज्य सरकार के कामों से भी जनता खुश है.