‘पूंजीवाद अब तक के सबसे गंभीर संकट में है.’  

— रघुराम राजन, भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री

रघुराम राजन ने यह बात बीबीसी के एक कार्यक्रम में कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘यह स्थिति इसलिए पैदा हुई है क्योंकि आम लोगों को पूंजीवाद का लाभ मिलना बंद हो रहा है.’ इसकी वजह बताते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘साधारण शिक्षा पाने वाले किसी मध्यवर्गीय युवा के लिए पहले नौकरी तलाशना आसान था. लेकिन 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद स्थितियां बदल गई हैं. अब नौकरी पाना इतना आसान नहीं. किसी को भी सफल होने के लिए आज अच्छी शिक्षा की जरूरत है.’ इस संकट से बचने के लिए रघुराम राजन ने सरकारों को समाज में व्याप्त असमानता की अनदेखी न करने की सलाह भी दी है.

‘नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार देश की सुरक्षा को लेकर भी राजनीति कर रही है.’  

— सोनिया गांधी, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष

सोनिया गांधी ने यह बात गुजरात में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की एक बैठक के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को एक ‘पीड़ित’ के तौर पर पेश करते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि उनकी ‘गलत नीतियों’ के कारण देश के लोग आज पीड़ित हैं. इसके साथ ही सोनिया गांधी ने आगामी आम चुनाव के दौरान देश को नया नजरिया देने के लिए कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से आगे बढ़ने का आह्वान भी किया.


‘सोशल मीडिया इस बार चार-पांच फीसदी वोट इधर-उधर कर सकता है.’  

— टीवी मोहनदास पई, सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञ

टीवी मोहनदास पई का यह बयान आगामी आम चुनाव के ‘नए मतदाताओं’ को लेकर आया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘पहली बार वोट देने जा रहे वोटरों के बड़े वर्ग के लिए सोशल मीडिया ही सूचना का पहला जरिया है. यह वर्ग इससे बहुत ज्यादा प्रभावित होता है. यह ऐसा वर्ग है जो टेलीविजन नहीं देखता, अखबार नहीं पढ़ता. लेकिन इसका 40-50 फीसदी हिस्सा सोशल मीडिया के अभियानों में या सक्रिय रूप से शामिल है, या फिर उनसे प्रभावित है. ऐसे में यह चुनाव को उसी हिसाब से प्रभावित करेगा.’ पई के मुताबिक, ‘राजनीतिक दलों को भी मतदाताओं की इस पीढ़ी के हिसाब से अपनी रणनीति बदलने की जरूर है.’


‘रमजान और चुनाव से जुड़ी पूरी बहस अस्वीकार्य है.’  

— जावेद अख्तर, लोकप्रिय गीतकार

जावेद अख्तर ने यह बात एक ट्वीट के जरिये उन नेताओं पर निशाना साधते हुए कही है जिन्होंने रमजान के दौरान मतदान कराए जाने को लेकर विवादित बयान दिए हैं. इसके साथ ही इसी ट्वीट के जरिये जावेद अख्तर ने आगे कहा, ‘मेरे लिए धर्मनिरपेक्षता का विकृत संस्करण घृणास्पद और असहनीय है. चुनाव आयोग को इस पर जरा भी ध्यान नहीं देना चाहिए.’


‘बसपा लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ किसी राज्य में गठबंधन नहीं करेगी.’  

— मायावती, बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो

मायावती ने यह बात एक बयान जारी करके कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘बसपा ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठजोड़ किया है.’ इस गठजोड़ को ‘बिल्कुल सही’ गठबंधन बताते हुए उन्होंने आगे कहा कि इसमें सामाजिक बदलाव लाने के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनाव में शिकस्त देने की ताकत भी है. मायावती के मुताबिक, ‘कई दूसरी पार्टियों ने भी बसपा साथ गठबंधन की इच्छा जताई है. लेकिन चुनावी फायदे के लिए हमने ऐसा कोई भी काम न करने का फैसला किया है जो बसपा के हित में न हो.’