भारत ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों की सूची में शामिल कराने की कूटनीतिक कोशिशें और तेज कर दी हैं. इस सूची में मसूद अजहर को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए अब केवल 24 घंटे का समय बचा है. सरकार के सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया इस मामले में चीन पर करीबी नजर रखी जा रही है. वहीं, सरकार के अधिकारी सभी यूएनएससी सदस्य देशों की सरकारों के संपर्क में हैं.

खबर के मुताबिक एक सूत्र ने बताया, ‘अभी तक चीन की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है. लेकिन हम समयसीमा खत्म होने तक का इंतजार करेंगे.’ सूत्रों का कहना है कि अगर सूची में कोई बदलाव होता है तो उसका पाकिस्तान पर असर होगा. एक सूत्र ने कहा, ‘अगर चीन सूची प्रक्रिया के साथ जाता है तो इसकी संभावना है कि वह पाकिस्तान को इसका श्रेय लेने को कहेगा कि उसके आतंक विरोधी प्रयासों के चलते यह संभव हुआ.’

भारतीय समयानुसार मसूद अजहर को सूची में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताने का समय आज देर रात 12.30 बजे खत्म हो जाएगा. अगर तब तक यूएनएससी के किसी भी स्थायी देश ने स्पष्टीकरण नहीं मांगा तो मसूद अपनेआप अंतरराष्ट्रीय आतंकियों की सूची में शामिल हो जाएगा. अभी तक किसी भी देश ने स्पष्टीकरण नहीं मांगा है. यह देखना होगा कि मियाद खत्म होने से पहले चीन कोई हस्तक्षेप करता है या नहीं. जानकारों के मुताबिक मसूद को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करवाने के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा वही है.

सूची में शामिल होते ही मसूद की संपत्तियों और उसके यात्रा करने पर प्रतिबंध लग जाएगा. उसके लिए अपनी गतिविधियों को अंजाम देना मुश्किल हो जाएगा. इससे चीन भी आतंकी गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान का बचाव नहीं कर पाएगा. वहीं, भारत के इस संदेश को मजबूती मिलेगी पाकिस्तान आतंक का गढ़ है.