विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने कंपनी में अपनी शेयरहोल्डिंग का अतिरिक्त 34 प्रतिशत हिस्सा परोपकार के लिए देने का फैसला किया है. इन 34 प्रतिशत शेयरों की कीमत 7.5 बिलियन डॉलर (52,750 करोड़ रुपये) के आसपास बताई जा रही है. देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी के चेयरमैन प्रेमजी फाउंडेशन के जरिये परोपकार के काम करते रहे हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने पेंशंस एंड इंवेस्टमेंट्स नामक वेबसाइट के हवाले से बताया है कि बिल व मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने अब तक करीब 40 बिलियन डॉलर (लगभग 28 लाख करोड़ रुपये ) परोपकार के लिए दिए हैं. वहीं, फोर्ड फाउंडेशन ने करीब 12 बिलियन डॉलर (83,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) दान कर चुके हैं. प्रेमजी फाउंडेशन अब तक 21 बिलियन डॉलर (1.45 लाख करोड़ रुपये) दे चुका है. इस तरह यह संस्था दुनिया के सबसे बड़े परोपकार संस्थानों में शामिल है.

एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के सबसे अमीर लोग पांच साल पहले के मुकाबले अब कम परोपकार कर रहे हैं. ऐसे समय में अजीम प्रेमजी का यह रकम देने का फैसला सराहनीय है. बता दें कि 73 वर्षीय प्रेमजी, बिल गेट्स और वॉरेन बफेट द्वारा शुरू किए गए ‘द गिविंग प्लेज’ कार्यक्रम का भी हिस्सा हैं. इसके तहत अरबपति लोग यह वादा करते हैं कि वे अपनी संपत्ति का आधा हिस्सा परोपकार के लिए दे देंगे.

अजीम प्रेमजी की फाउंडेशन तीन क्षेत्रों में काम करती है. इनमें सरकारी स्कूलों का स्तर बेहतर करना, अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्रों को ज्यादा से ज्यादा सब्सिडी देना और अन्य क्षेत्रों से जुड़े गैर-लाभकारी काम. उनके योगदान से 150 से ज्यादा संस्थाओं को आहार, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं और मानवतस्करी जैसे मुद्दों पर काम करने में मदद मिली है.