संयुक्त राष्ट्र ने प्रदूषण के मुद्दे पर अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि बिगड़ते पर्यावरण के भयानक परिणामों से मानवता को बचाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर अभी भी सभी देश पर्यावरण को बचाने के लिए एकजुट नहीं हुए और सख्त कदम नहीं उठाए गए तो 2050 तक एशिया, पश्चिमी एशिया और अफ्रीका में लाखों लोगों की अकाल मृत्यु हो सकती है. अभी ही दुनिया भर में समय से पहले और बीमारियों से जितनी मौतें होती हैं, उनमें एक चौथाई प्रदूषण और इसके चते पर्यावरण को हुए नुकसान के कारण होती हैं.

संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले तीन दशकों में जल प्रदूषण ही ऐसी मौतों का एकमात्र कारण बन जाएगा. इसके मुताबिक प्रदूषकों की वजह से पानी के कीटाणु प्रतिरोधक हो जाएंगे. इस कारण वे पानी साफ करने वाले सिस्टम से भी खत्म नहीं होंगे. परिणामस्वरूप, न सिर्फ लोगों की अकाल मृत्यु होगी, बल्कि उनकी प्रजनन क्षमता पर भी बुरा असर पड़ेगा.

भारत सहित 70 से अधिक देशों के 250 वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने यह रिपोर्ट तैयार की है. इसे केन्या में चल रही संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के दौरान पेश किया गया. इसमें अमीर देशों द्वारा खाना बर्बाद किए जाने संबंधी चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए गए. वहीं, यह रिपोर्ट यह भी कहती है कि कैसे गरीब देश अपनी आबादी को खिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.