बोइंग-737 मैक्स विमानों पर अमेरिका ने भी प्रतिबंध लगा दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ख़ुद इसकी घोषणा की. इसके बाद अमेरिका के संघीय उड्‌डयन प्रशासन (एफएए) ने अगले निर्देश तक 737 मैक्स-8 और 737 मैक्स-9 विमानों की उड़ानाें पर प्रतिबंध का आदेश भी जारी कर दिया है.

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान कहा, ‘अमेरिकी सहित सभी लोगों की सुरक्षा हमारी मुख्य चिंता है. हमें उम्मीद है कि वे (बोइंग विमान कंपनी) संतोषजनक ज़वाब के साथ सामने आएंगे. जब तक वे ऐसा नहीं करते ये विमान ज़मीन पर रहेंगे.’ इससे पहले कनाडा ने भी बुधवार को बोइंग-737 मैक्स विमानों पर प्रतिबंध लगाया था. इथियोपिया विमान दुर्घटना के बाद भारत, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ, संयुक्त अरब अमीरात सहित दुनिया के एक दर्ज़न से अधिक देश इन विमानों पर प्रतिबंध लगा चुके हैं.

दुनिया के 59 देशों में बोइंग के 387 मैक्स विमान हैं. इनमें से 74 अमेरिका में पंजीकृत हैं. ये विमान बोइंग के सबसे ज़्यादा बिकने वाले विमानों में शुमार हैं. इसका प्रमाण ये है कि वर्तमान में बोइंग के पास 100 ग्राहकों (विमान कंपनियों) की ओर से 5,000 से ज़्यादा विमानों की आपूर्ति के ऑर्डर लंबित हैं. हालांकि इन विमानाें में तकनीकी ख़राबी भी बताई जाती है. इससे कई देशों के पायलटों ने इनको लेकर चिंता जताई है. बताया जाता है कि इन विमानों का इंजन ज़्यादा भारी है. इससे ये हवा में असंतुलित हाे जाते हैं. ख़ुद नीचे आने लगते हैं.

ख़बरों के मुताबिक रविवार को इथियोपियाई एयरलाइंस का मैक्स-737 विमान भी इसी वज़ह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. इससे विमान में सवार सभी 157 लोग मारे गए थे. यही नहीं अमेरिकी जांच अधिकारियों की मानें तो बीते साल अक्टूबर में इंडोनेशियाई एयरलाइंस का विमान भी इसी तरह दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. उस हादसे में भी विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी. इस बीच कम किराए वाली नॉर्वेजियन एयरलाइंस ने कहा है कि वह बोइंग से हर्ज़ाना मांगेगी. क्योंकि मैक्स विमानों पर प्रतिबंध से कितना नुकसान होगा यह स्पष्ट नहीं है.