केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के एक ट्वीट को लेकर उन पर निशाना साधा है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सवालिया लहजे में उन्होंने कहा है, ‘जब कभी भारत मुश्किल में पड़ता है तो राहुल गांधी को खुशी क्यों होती है.’ इसके साथ ही आतंकवाद को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए उन्होंने यह भी कहा, ‘क्या मसूद अजहर जैसे नृशंस हत्यारे को लेकर राहुल गांधी और उनकी पार्टी का स्वर अलग होगा. राहुल गांधी के ट्वीट से ऐसा लगता है कि आतं​क के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस गंभीर नहीं है.’

रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, ‘मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन ने दिया था. चीन के अलावा अन्य देशों ने इस पर समर्थन जताया है. यह भारत की कूटनीतिक जीत है. लेकिन चीन की आपत्ति पर राहुल गांधी खुश हैं.’ प्रसाद के मुताबिक, ‘2009 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के कार्यकाल के दौरान भी मसूद अजहर को लेकर चीन ने ऐसी ही आपत्ति जताई थी. लेकिन तब राहुल गांधी ने कोई ट्वीट नहीं किया था. न ही उनका कोई बयान आया था.’

इसके साथ ही राहुल गांधी पर तंज कसते हुए रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा है, ‘मैं समझता हूं कि राहुल गांधी के चीन के साथ अच्छे संबंध हैं, क्योंकि डोकलाम तनाव के दौरान उन्होंने चीनी दूतावास का दौरा किया था. कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान भी वे वहां के एक मंत्री से मिले थे.’ इसके साथ ही कानून मंंत्री ने उन्हें नसीहत देते हुए यह भी कहा है कि ट्विटर पर ‘विदेश नीति’ जैसे गंभीर मुद्दों की चर्चा नहीं की जाती.

मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के मामले में चीन द्वारा अड़ंगा लगाए जाने के बाद गुरुवार को राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया था. उस ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए थे. साथ ही कहा था कि नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग से डरे हुए हैं. चीन के खिलाफ मोदी एक शब्द भी नहीं कह पाते हैं.

इस बीव रविशकंर प्रसाद के बयान पर कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक ट्वीट के जरिये पलटवार किया है. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ‘रविशंकर प्रसाद जी आप जरा भी चिंता न करें. 2019 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार गठित होते ही हम मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए चीन पर दबाव बनाएंगे.’