कांग्रेस की दिल्ली इकाई की अध्यक्ष शीला दीक्षित ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तुलना में मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहीं ज्यादा सख्त बताया है. शीला दीक्षित ने यह बात सीएनएन न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू के दौरान 26/11 के मुंबई आतंकी हमले को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही है. हालांकि इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है, ‘नरेंद्र मोदी के ज्यादातर काम राजनीति से प्रेरित होने के साथ ही राजनीतिक लाभ लेने के लिए होते हैं.’

अपने इस बयान पर विवाद उठने के बाद शीला दीक्षित की तरफ से सफाई भी दी गई है. एक ट्वीट के जरिये उन्होंने कहा है, ‘इंटरव्यू के दौरान की गई मेरी टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है. जबकि मैंने कहा था - कुछ लोगों को यह लग सकता है कि मोदी आतंकवाद के खिलाफ काफी सख्त हैं, लेकिन मेरे ख्याल से यह और कुछ नहीं सिर्फ एक राजनीतिक कवायद है.’

साल 2008 में मुंबई आतंकी हमले के समय केंद्र में डॉक्टर मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार थी. उस हमले में 150 लोगों की जान गई थी. इधर नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार में उरी आतंकी हमले के जवाब में सेना ने सीमा पार जाकर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ को अंजाम दिया था. साथ ही बीते महीने की 14 तारीख को पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में ‘एयर स्ट्राइक’ करके आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक कैंप को निशाना बनाया था.