नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे चुनाव आयोग के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात नहीं करने का फैसला लिया है. पार्टी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की मांग के अलावा उसके पास कहने के लिए कुछ नहीं है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘चुनाव आयोग के श्रीनगर दौरे के मद्देनजर नेशनल कांफ्रेंस ने चुनाव आयोग के प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलने का निर्णय किया है.’ उन्होंने कहा, ‘राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की हमारी मांग जस की तस है जो पहले हुई बैठक में रखी गयी थी. हमारे पास कहने के लिए इससे ज्यादा कुछ और नहीं है.’ पार्टी के महासचिव अली मोहम्मद सागर ने भी एक बयान जारी कर कहा कि विधानसभा चुनाव टालने से पूरे राज्य में गंभीर परिणाम दिखाई दे सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘अगर हालात लोकसभा चुनावों के लिहाज से कारगर हैं तो उसी समय विधानसभा चुनाव कराने से कौन रोक रहा है?’

चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त तीन विशेष पर्यवेक्षक विधानसभा चुनाव कराने के लिए जमीनी स्थिति का जायजा लेने गुरुवार को श्रीनगर पहुंच रहे हैं. अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान वे मुख्य राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे. नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित कश्मीर की प्रमुख पार्टियां लोकसभा के साथ राज्य विधानसभा चुनाव कराने की मांग कर रही हैं.