करतारपुर गलियारा बनाने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से भारत और पाकिस्तान के बीच हुई पहली बैठक काफी सार्थक रही है.

पीटीआई के मुताबिक गुरूवार को यह बैठक अटारी-बाघा सीमा पर भारतीय क्षेत्र में हुई. पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में बढ़े तनाव के बीच यह बैठक हुई है.

पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने बैठक के बारे में एक ट्वीट के जरिए बताया कि वार्ता सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई और चर्चा के बाद पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल वापस आ गया है. बातचीत के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं और प्रावधानों को लेकर विस्तृत और रचनात्मक बातचीत की. अधिकारियों ने करतारपुर साहिब गलियारे को जल्द शुरू करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई.

पीटीआई के मुताबिक दो अप्रैल को अगली बैठक वाघा में आयोजित करने पर सहमति बनी है. हालांकि, इससे पहले 19 मार्च को प्रस्तावित जीरो प्वाइंट पर तकनीकी विशेषज्ञों की बैठक होगी जिसमें गलियारे के एलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जाएगा.

पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब को गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक से जोड़ने के लिए करतारपुर गलियारे का निर्माण करने पर सहमत हुए थे. गुरुद्वारा दरबार साहिब में सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानकदेव ने अपना अंतिम समय व्यतीत किया था.

करतारपुर साहिब पाकिस्तान में पंजाब के नरोवाल जिले में है. रावी नदी के दूसरी ओर स्थित करतारपुर साहिब की डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से दूरी करीब चार किलोमीटर है.