‘कमजोर नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग से डरे हुए हैं.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराने के प्रयास में चीन द्वारा अड़ंगा लगाए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने नरेंद्र मोदी एक शब्द भी नहीं बोल पाते. राहुल गांधी का यह भी कहना था, ‘मोदी की चीन कूटनीति, गुजरात में शी चिनपिंग के साथ झूला झूलने और दिल्ली में उनके गले लगने तक ही सीमित है.’

‘जब कभी भारत मुश्किल में पड़ता है तो राहुल गांधी खुश क्यों होते हैं?’  

— रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय कानून मंत्री

रविशंकर प्रसाद का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए आया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन ने दिया था. चीन के अलावा दूसरे देशों ने इसका समर्थन किया. यह भारत की कूटनीतिक जीत है.’ रविशंकर प्रसाद का यह भी कहना था, ‘चीन की आपत्ति पर कांग्रेस अध्यक्ष खुश हैं. इससे ऐसा लगता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति राहुल गांधी गंभीर नहीं हैं.’


‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नरेंद्र मोदी मनमोहन सिंह के मुकाबले ज्यादा सख्त हैं.’  

— शीला दीक्षित, कांग्रेस की दिल्ली इकाई की अध्यक्ष

शीला दीक्षित ने यह बात सीएनएन न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू के दौरान 26/11 के आतंकी हमले को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही. इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘नरेंद्र मोदी के ज्यादातर काम राजनीति से प्रेरित और राजनीतिक लाभ हासिल करने लेने के लिए होते हैं.’ इस बयान पर विवाद उठने के बाद शीला दीक्षित ने स्पष्टीकरण भी दिया. उन्होंने कहा है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है.


‘मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित न करा पाना नरेंद्र मादी की झूला कूटनीति की विफलता है.’  

— असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मुखिया

असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान नरेंद्र मोदी की ‘कूटनीति’ पर निशाना साधते हुए आया है. इसके साथ उन्होंने यह भी कहा, ‘चीन आज हमारा सहयोग नहीं कर रहा. लेकिन एक देश के तौर पर भारत ने चीन से बुलेटप्रूफ जैकेटों की आपूर्ति के लिए 650 करोड़ रुपये का समझौता किया था.’ असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा, ‘मैं पूछना चाहता हूं कि भारत ने चीन को ही ऐसी जैकेटों की आपूर्ति के लिए क्यों कहा. क्या प्रधानमंत्री को इस काम के लिए कोई दूसरा देश नहीं मिला. मोदी को इसका जवाब देना चाहिए.’


‘इस आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का नारा होगा - मोदी है तो मुमकिन है.’  

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

अरुण जेटली ने यह बात फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिये कही. इसके साथ ही उनका यह भी कहना था कि ज्यादातर देशवासियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में एक ‘कर्मठ’ नेता की छवि दिखती है. दुनियाभर से भारत पर नजर रखने वाले लोगों ने भी भारत के निर्णय करने और उनके क्रियान्वयन की रफ्तार को महसूस किया है. यही वजह है कि लोकसभा के आगामी चुनाव के लिए इस नारे को चुना गया.