संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन द्वारा वीटो किए जाने की खबर आज सुबह से सोशल मीडिया पर चर्चा में है. इस हवाले से यहां एक बड़े तबके ने चीन के प्रति रोष जताते हुए प्रतिक्रियाएं दी हैं. इसके साथ ही ट्विटर पर चीनी सामानों के बहिष्कार की अपील की गई है और BoycottChineseProducts ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुआ है. वहीं दूसरी तरफ यहां लोगों ने इस अपील पर सवाल उठाते हुए कुछ बड़ी ही दिलचस्प प्रतिक्रियाएं भी दी हैं. मनु पंवार का ट्वीट है, ‘कमाल है, अपने यहां शाओमी रेडमी, ओप्पो, वीवो और वनप्लस6 जैसे चीनी स्मार्टफोनों से भी हुंकारें भरी जा रही हैं कि चीनी सामान का बहिष्कार करो.’

फेसबुक और ट्विटर पर चीन के इस रुख को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की विदेशनीति पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. विदेश मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्म चेलानी का ट्वीट है, ‘चीन लगातार यह साबित कर रहा है कि मोदी का वुहान तक जाना (चीनी राष्ट्रपति से अनौपचारिक बातचीत के लिए) खुद को भ्रम में रखने की कवायद थी...’ इसके साथ ही यहां विरोधियों ने नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले के एक बयान को शेयर करते हुए उन्हें घेरा है. तब वे तत्कालीन सरकार पर हमला करते हुए कहते थे कि उसे ‘चीन के साथ लाल आंखें’ करके बात करनी चाहिए.

सोशल मीडिया में इस पूरे घटनाक्रम पर आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :

जॉय | @Joydas

पहली तस्वीर – नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने से पहले चीन को धमकाते हुए.
दूसरी तस्वीर – नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद चीन से निपटते हुए.

पन्सटर | @Pun_Starr

चीन ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगा दिया है... अब समय आ गया है कि मोदी उसे अपनी ‘लाल-लाल आंखें दिखाएं.’

ट्रेंडुलकर | @Trendulkar

हमें चीन के साथ क्रिकेट खेलना बंद कर देना चाहिए.

द चोज़न वन |‏ @Marc__Me

बीती रात मोदी जी ने चीन पर सर्जिकल स्ट्राइक की है... हां, कल रात उन्होंने अपना मोबाइल चार्ज नहीं किया.

गब्बर |‏ @GabbbarSingh

आज से चाय में नो चीनी.

मुंहफट | kjshikhar

डायटीशियन और राष्ट्रवादी, दोनों एक ही बात कह रहे हैं... चीनी का बहिष्कार करो!