संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भले ही चीन आतंकी मसूद अज़हर की ढाल बन गया हो लेकिन इससे बाहर वह उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई रुकवा नहीं सका. ख़बरों के मुताबिक फ्रांस ने मसूद अज़हर पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं. साथ ही फ्रांस में मौज़ूद उसकी संपत्तियां भी ज़ब्त कर ली हैं. फ्रांस सरकार की ओर से एक बयान जारी कर यह जानकारी दी गई.

ख़बरों के मुताबिक फ्रांस सरकार के बयान में कहा गया है, ‘हमने मसूद अज़हर पर राष्ट्रीय स्तर का प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. उसके सभी मौद्रिक और वित्तीय कोड (जिनके जरिए वह लेन-देन करने में सक्षम होता है) तथा संपत्तियां ज़ब्त की जा रही हैं. इस संबंध में आंतरिक, आर्थिक और वित्त मंत्रालयों का संयुक्त आदेश आधिकारिक राजपत्र (गजट) में प्रकाशित कर दिया गया है.’ इस बाबत भारत में फ्रांस के राजदूत ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से सूचना साझा की है.

बताया जाता है कि फ्रांस ने मसूद अज़हर और उसके सहयोगियों पर यात्रा प्रतिबंध भी लगाए हैं. साथ में यह भी कहा गया है कि फ्रांस यूरोपीय संघ के अपने सहयोगी देशों से आग्रह करेगा कि वे भी मसूद अज़हर पर इसी तरह के प्रतिबंध लगाएं. ग़ौरतलब है कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल) के काफ़िले पर आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 42 जवान मारे गए थे. इस हमले की ज़िम्मेदारी मसूद अज़हर के संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है.

इसी आधार फ्रांस ने ख़ुद पहल करते हुए अमेरिका और ब्रिटेन के सहयाेग से हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया था. इसमें मसूद अज़हर को वैश्विक प्रतिबंधित आतंकियों की संयुक्त राष्ट्र की सूची में डालने की अनुशंसा की गई थी. लेकिन चीन ने निषेधाधिकार (वीटो) का इस्तेमाल कर यह प्रस्ताव रुकवा दिया था. चीन ने चौथी बार तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव में अड़ंगा डाला. इसी वज़ह से फ्रांस अपने स्तर पर कार्रवाई के लिए मज़बूर हुआ है.