चारा घोटाले से जुड़े मामले में आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की ज़मानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से ज़वाब तलब किया. एजेंसी से दो सप्ताह के भीतर ज़वाब देने के लिए कहा गया है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के ख़िलाफ़ दायर लालू प्रसाद यादव की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. लालू प्रसाद यादव ने अपनी बढ़ती उम्र और गिरते स्वास्थ का हवाला देते हुए झारखण्ड उच्च न्यायलाय से जमानत का अनुरोध किया था. लेकिन उच्च न्यायालय ने 10 जनवरी को उन्हें ज़मानत देने से इंकार कर दिया था. लालू प्रसाद यादव मधुमेह, उच्च रक्तचाप के साथ और बीमारियों का भी सामना कर रहे हैं.

चारा घोटाला अविभाजित बिहार के पशुपालन विभाग द्वारा विभिन्न जिलों के कोषागारों से ग़लत तरीके से 900 करोड़ रुपए की रकम निकालने से संबंधित है. यह बात 1990 के दशक की है. उस समय लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे. इस केस में लालू यादव को देवघर, दुमका, चाईबासा के कोषागारों से फ़र्ज़ी तरीके से धन निकालने के आरोप में दोषी ठहराया जा चुका है. दोरांदा कोषागार से संबंधित मामले में उन पर मुकदमा चल रहा है. वे दिसंबर-2017 से रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद हैं.