कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकपाल चयन समिति की बैठक में शामिल होने से इनकार किया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी भी लिखी है. इसमें उन्होंने कहा है, ‘लोकपाल चयन समिति की बैठक के लिए मुझे विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है. लेकिन विशेष सदस्य के तौर पर लोकपाल के चयन में मुझे अपना पक्ष रखने का अधिकार नहीं होगा. लोकपाल का चयन एक गंभीर विषय है. ऐसे में विपक्ष की तरफ से एक मूक दर्शक के तौर पर शामिल होने का सरकार का यह प्रस्ताव मुझे स्वीकार्य नहीं है.’

मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगे लिखा है, ‘लोकपाल अधिनियम - 2013 की धारा चार के मुताबिक लोकपाल चयन समिति की बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के शामिल होने का भी कोई प्रावधान नहीं है. साथ ही 2014 में केंद्र की सत्ता संभालने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इसमें कोई संशोधन नहीं किया है जिससे विपक्ष का नेता के बजाय विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी का प्रतिनिधि बैठक में शमिल हो सके.’

वैसे यह पहला मौका नहीं था जब खड़गे ने लोकपाल चयन समिति की बैठक में शामिल होने से इनकार किया है. इससे पहले भी छह मौकों पर वह इसमें शामिल होने से मना कर चुके हैं. उनका यह भी कहना है कि बीते पांच साल के दौरान भाजपा की सरकार ने लोकपाल की नियुक्ति की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए हैं. इस दिशा में जो कुछ भी प्रगति हुई है वह सुप्रीम कोर्ट के दखल की वजह से हुई है.

इससे पहले लोकपाल की नियुक्ति को लेकर की जा रही सरकार की कोशिशों पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी. साथ ही सरकार से इस काम में तेजी लाने के लिए कहा था. इसी के मद्देनजर चयन समिति की यह बैठक बुलाई गई थी.