विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराए जाने की कोशिश में चीन की तरफ से लगाया गया अड़ंगा, भारत की ‘कूटनीतिक विफलता’ नहीं है. उन्होंने यह बात ट्विटर के जरिये कही है. सुषमा स्वराज के मुताबिक, ‘आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का सगरना मसूद अजहर वैश्विक आतंकी घोषित हो इसके लिए भारत आज अकेला नहीं है. इस मसले पर आज इसे दुनियाभर का समर्थन मिल रहा है.’

एक ट्वीट के जरिये सुषमा स्वराज ने यह भी कहा, ‘मैं मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति के तहत सूचीबद्ध करने संबंधी कुछ तथ्यों की जानकारी देना चाहती हूं. इस बारे में चार मौकों पर प्रस्ताव लाया (सुरक्षा परिषद में) गया है. साल 2009 में भारत ने अकेले यह प्रस्ताव रखा था. साल 2016 में भारत के इस प्रस्ताव पर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन सह प्रायोजक बने थे. वहीं 2017 में इस प्रस्ताव को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने आगे बढ़ाया था.’

उन्होंने आगे कहा, ‘साल 2019 में यह प्रस्ताव अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने आगे बढ़ाया. साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (यूएनएससी) के 15 में से 14 सदस्य देशों ने इसका समर्थन किया है. मसूद अहजर को वैश्विक आतंकवादी घोषित हो, इस पर आज दुनियाभर के अनेक देश भारत के साथ खड़े हैं.’

बीते महीने की 14 तारीख को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक काफिले पर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती हमला हुआ था. उस आतंकी हमले की जिम्मेदारी जेईएम ने ली थी. उस हमले के दो हफ्ते बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने यूएनएससी में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने संबंधी नया प्रस्ताव पेश किया गया था.

इधर, भारत की इस कोशिश में चीन की तरफ से अड़ंगा लगाए जाने के बाद कांग्रेस सहित कई दूसरे विपक्षी दलों ने सरकार को इस मुद्दे पर घेरने की कोशिश की है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ‘भयभीत’ बताया था. उन्होंने यह भी कहा था कि मोदी की चीन कूटनीति जिनपिंग के साथ ‘झूला झूलने’ और गले मिलने तक ही सीमित है.

हालांकि उनके बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार करने में देर नहीं लगाई थी. तब भाजपा ने कहा था कि अगर राहुल गांधी के पूर्वजों (पंडित नेहरू) ने यूएनएससी की स्थायी सदस्यता चीन को ‘भेंट’ नहीं की होती तो आज यह नौबत नहीं आई होती.