गुजरात की पाटीदार नेता रेशमा पटेल ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है. शुक्रवार को ऐसा करते हुए उन्होंने भाजपा को ‘खोखली योजनाएं’ चलाने वाली ‘मार्केटिंग कंपनी’ बताया. रेशमा पटेल ने कहा कि अगर उन्हें अन्य मुख्य दलों से टिकट का प्रस्ताव नहीं मिला तो वे बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रेशमा पटेल ने कहा, ‘मैं राज्य के पार्टी अध्यक्ष जीतू वघानी को यह पत्र लिख कर भाजपा से इस्तीफा दे रही हूं. मैंने खुद को भाजपा से अलग करने का फैसला किया है, क्योंकि पार्टी अपनी खोखली योजनाओं की मार्केटिंग के लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं का इस्तेमाल करती है. मैं विपक्षी दलों से अनुरोध करती हूं कि वे एक साथ आएं और पोरबंदर सीट पर रुख साफ करें. मैं उनसे अपील करती हूं कि इस सीट से एक महिला को चुनाव लड़ने का मौका दें ताकि (संसद में) महिला प्रतिनिधित्व बढ़े.’

रेशमा पटेल पाटीदार आंदोलन में भूमिका निभाने के चलते सुर्खियों में आई थीं. वे हार्दिक पटेल द्वारा शुरू किए गए पाटीदार अनामत आंदोलन समिति समूह की सदस्य भी रहीं. बाद में 2017 में विधानसभा चुनाव के समय हार्दिक का झुकाव कांग्रेस की तरफ हो गया. वहीं, रेशमा ने भाजपा का दामन थाम लिया. उनका कहना है कि वे पार्टी के एक मीडिया पैनल का हिस्सा थीं और टीवी के बहसों में हिस्सा ले चुकी हैं.

वहीं, इस्तीफे पर उन्होंने कहा, ‘भाजपा एक ऐसी मार्केटिंग कंपनी बन चुकी है जो हमें लोगों को धोखा देना सिखाती है. भाजपा नेताओं के तानाशाही रवैये ने हमेशा कार्यकर्ताओं को दबाया है. मैं यह सब और बर्दाश्त नहीं कर सकती इसलिए जनहित में पार्टी से इस्तीफा दे रही हूं.’