अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि दुनिया में श्वेत राष्ट्रवाद कोई व्यापक खतरा नहीं है. उन्होंने न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों में हुए नरसंहार के संदर्भ में यह बात कही. अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक यह हादसा यह नहीं दर्शाता कि विश्व में श्वेत राष्ट्रवाद एक बढ़ती समस्या है. पीटीआई के मुताबिक शुक्रवार को ओवल कार्यालय में ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे वास्तव में ऐसा नहीं लगता. मुझे लगता है कि यह लोगों का एक छोटा समूह है.’

उधर, इस हमले को लेकर एक अहम जानकारी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि हमले से पहले हमलावर ने एक बड़ा घोषणापत्र ऑनलाइन पोस्ट किया था जिसमें उसने डोनाल्ड ट्रंप को ‘नई श्वेत पहचान एवं साझा मकसद का प्रतीक करार दिया था’. इस बारे में जब ट्रंप से जब यह पूछा गया कि क्या उन्होंने घोषणापत्र पढ़ा है तो उन्होंने कहा, ‘मैंने इसे नहीं पढ़ा.’

इससे पहले शुक्रवार को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च स्थित दो मस्जिदों में हुए हमलों में कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई. इनमें से एक हमले के जिम्मेदार बंदूकधारी ने खुद को ऑस्ट्रेलियाई श्वेत राष्ट्रवादी बताया है. उसने हमले का ऑनलाइन सीधा प्रसारण किया था. इसमें उसने कहा कि वह आव्रजकों और मुसलमानों से नफरत करता है.

रिपोर्टों के मुताबिक हमलावर ने सोशल मीडिया पर 74 पन्नों का एक दस्तावेज पोस्ट किया है. इसमें उसने लिखा है कि वह यूरोप में मुस्लिमों द्वारा किए गए हमलों से गुस्से में था और बदला लेकर भय पैदा करना चाहता था. साथ ही उसने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वह लोगों का ध्यान भी अपनी ओर खींचना चाहता था.