आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के सरगना मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित करने संबंधी प्रस्ताव का चीन भी समर्थन कर सकता है. बशर्ते उसकी कुछ बातें मान ली जाएं. सूत्रों के हवाले से यह ख़बर आई है.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार चीन ने मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकियों की संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल करने से संबंधित प्रस्ताव में कुछ संशोधन सुझाए हैं. यह संशोधन प्रस्ताव की भाषा से जुड़े हैं. बताया जाता है कि इस बाबत विभिन्न पक्षों में बातचीत चल रही है. इस बातचीत के नतीज़े कुछ दिनों में ही सामने आ सकते हैं. बहुत संभव है कि इस बातचीत के नतीज़े सकारात्मक ही हों. यानी चीन मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकियों की सूची में डालने के प्रस्ताव का समर्थन करने पर राज़ी हाे जाए.

हालांकि कहा तो ये भी जा रहा है कि चीन अगर अड़ियल रवैया नहीं छोड़ता तो अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन मसूद अज़हर से संबंधित अपने प्रस्ताव को खुले मंच में विचार, बहस और मतदान के लिए रख सकते हैं. इससे वैश्विक आतंकवाद से जुड़े इस अहम मसले पर सभी सदस्यों का रुख़ दुनियाभर के सामने आ जाएगा. बताया जाता है कि चीन संभवत: इस स्थिति से बचना चाहेगा. ग़ौरतलब है कि अब तक गोपनीय तरीक से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति ऐसे प्रस्तावों पर विचार करती है.

ग़ौर करने की बात ये भी है कि इस महीने की शुरूआत में ही फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन ने मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकियों की संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल किए जाने संबंधी प्रस्ताव पेश किया था. लेकिन चीन ने फिर वीटो (निषेधाधिकार) का इस्तेमाल कर प्रस्ताव को रुकवा दिया. इस प्रस्ताव पर बीते 10 साल में चौथी बार चीन ने यह लगाया है. बावज़ूद इसके कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल) के काफ़िले पर हुए आतंकी हमले के बाद दुनिया के तमाम देशों का समर्थन भारत के साथ है. इस हमले में 42 भारतीय जवान मारे गए थे. हमले की ज़िम्मेदारी मसूद अज़हर के संगठन जेईएम ने ली है.