‘भ्रष्टाचार, गंदगी और दूसरी सामाजिक बुराइयों से लड़ने वाला भारत का हर नागरिक चौकीदार है.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात लोकसभा के आगामी चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रचार अभियान, ‘मैं भी चौकीदार’ की शुरुआत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘आपका यह चौकीदार राष्ट्र की सेवा में मजबूती से खड़ा है. साथ ही इस काम में वह आज अपने आप को अकेला नहीं पाता.’ नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि आज हर भारतीय कह रहा है कि वह भी चौकीदार है.’ इसके साथ ही उनका यह भी कहना था कि भारत की प्रगति के लिए कठिन परिश्रम करने वाला हर नागरिक ‘चौकीदार’ है.

‘दुनिया को हिटलर, मुसोलिनी और नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं की जरूरत नहीं है.’  

— दिग्विजय सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

दिग्विजय सिंह ने यह बात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘दुनिया को प्रेम और शांति की जरूरत है. सनातन समय से जिसका संदेश गौतम और महावीर ने दिया.’ दिग्विजय सिंह का यह भी कहना था, ‘दुनिया को महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जैसे नेता चाहिए, जिन्होंने सत्य और अहिंसा का संदेश दिया है.’ इससे पहले इसी शुक्रवार, न्यूजीलैंड की एक मस्जिद के बाहर हुई गोलीबारी की घटना पर शोक जताते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि दुनिया को नफरत की नहीं बल्कि ‘दया और समझ’ की जरूरत है.


‘भारतीय जनता पार्टी में सच्चाई के लिए कोई जगह नहीं है.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता भुवन चंद्र खंडूरी के बेटे मनीष खंडूरी के कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर आज मनीष कांग्रेस में हैं तो इसके पीछे ‘वजह’ है. राहुल गांधी के मुताबिक, ‘पहले सेना और फिर देश सेवा में अपनी जिंदगी लगाने वाले मनीष के पिता संसद की रक्षा मामलों की समिति के अध्यक्ष थे. लेकिन जब उन्होंने उसके अध्यक्ष होने के नाते राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले पर सरकार से सवाल किया तो नरेंद्र मोदी ने उन्हें उनके पद से ही हटा दिया.’ इस मौके पर उन्होंने रफाल सौदे सहित कई अन्य मुद्दों को लेकर भी नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा.


‘राजनीति कोई पारिवारिक व्यवसाय नहीं है, इसलिए जरूरी नहीं कि मेरा बेटा भी मेरे ही पदचिह्नों पर चले.’  

— भुवन चंद्र खंडूरी, भाजपा के नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री

भुवन चंद्र खंडूरी का यह बयान अपने बेटे के कांग्रेस में शामिल होने पर आया है. इसके साथ ही सवालिया लहजे में उन्होंने यह भी कहा, ‘मुझे समझ में नहीं आता कि इस मुद्दे पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा बेटा मनीष एक शिक्षित नौजवान है, जिसकी अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं. इसलिए उसने यह फैसला किया.’ भुवन चंद्र खंडूरी का यह भी कहना था कि बेटे के कांग्रेस में जाने से भाजपा के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण में कमी नहीं आएगी.


‘न्यूजीलैंड में मस्जिद के बाहर हुई गोलीबारी जैसी घटनाओं का हम सभी को मिलकर मुकाबला करना है.’  

— हसन रूहानी, ईरान के राष्ट्रपति

हसन रूहानी का यह बयान न्यूजीलैंड की एक मस्जिद के बाहर हुई गोलीबारी की घटना के बाद यूरोपीय देशों की तरफ से जताई गई प्रतिक्रिया पर आया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ पश्चिमी देशों की सरकारें अपने यहां ‘इस्लामोफोबिया’ (इस्लाम से डर) को बढ़ावा दे रही हैं जो कि ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है. इससे पहले इसी शुक्रवार को हुई गोलीबारी उस घटना में 49 नमाजियों की मौत हो गई थी.