भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) ने किसी नीलामी के लिए डुग-डुगी पीटनेे या मुनादी करने जैसे तरीकों को पुराना बताते हुए कहा है कि सरकार को इन नियमों में संशोधन करना चाहिए. सेबी का मानना है कि आज के समय में नए तरीकों से अधिक अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं.

सेबी ने सरकार से कहा है, ‘आयकर अधिनियम के कुछ प्रावधान पुराने हो गये हैं. जैसे कि ढोल बजाना और सार्वजनिक नीलामी. अखबारों में विज्ञापन और ई-नीलामी जैसे नये तरीके बेहतर परिणाम दे सकते हैं.’ आईटी अधिनियम के मौजूदा प्रावधानों के तहत किसी भी संपत्ति को जब्त करने से पहले किसी जाने-माने स्थान या जब्त की जाने वाली संपत्ति के पास डुग-डुगी पिटवा कर या मुनादी (पुकार) लगवा कर कुर्की आदि के आदेश की घोषणा करनी होती है. इसके अलावा जब्ती के आदेश को संपत्ति के परिसर में जनता को स्पष्ट रूप से दिखने वाले स्थान पर तथा कर वसूली अधिकारी के कार्यालय के बोर्ड पर चिपकाना होता है.

भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) को भुगतान न करने वाली इकाइयों की सम्पत्ति बेच कर वसूली करने के अधिकार है, इन अधिकारों की समीक्षा के समय नीलामी के दौरान अपनाए जाने वाले इन पुराने तरीकों की बात सामने आयी. अधिकारियों ने कहा कि सेबी जुर्माना, शुल्क, वसूली की राशि या रिफंड के आदेश के संबंध में वसूली के नए नियम तैयार करने के लिये वित्त मंत्रालय से परामर्श कर रहा है.