बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर कांग्रेस के हाथ को झटक दिया है. कांग्रेस द्वारा सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के लिए सात सीटें छोड़े जाने के एलान के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने सख्त प्रतिक्रिया दी. इस खबर को आज के कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. मायावती ने कहा, ‘देश में कांग्रेस के साथ हमारा किसी तरह का तालमेल या गठबंधन नहीं है. हमारे लोग कांग्रेस पार्टी द्वारा आए दिन फैलाए जा रहे भ्रम में कतई नहीं आएं.’ वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कहा है कि उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन भाजपा को हराने में सक्षम है.

पश्चिम बंगाल : कांग्रेस के इनकार के बाद भी वाम मोर्चे को गठबंधन की उम्मीद

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के इनकार के बाद भी वाम मोर्चे को लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन की उम्मीद है. वाम मोर्चा अध्यक्ष विमान बसु ने कहा है कि गठबंधन पर बातचीत चल रही है. इससे पहले कांग्रेस ने साफ किया था कि वह राज्य की सभी 42 लोकसभा सीटों पर अकेले लड़ने की तैयारी में है. सोमवार रात उसने पश्चिम बंगाल में 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार की सूची भी जारी कर दी है. वहीं, द हिंदू की रिपोर्ट की मानें तो सीपीएम के सूत्रों ने कहा है कि कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है. सूत्र ने आगे बताया कि सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मुलाकात की संभावना है. उधर, पश्चिम बंगाल के कांग्रेस अध्यक्ष सोमेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने उनसे बातचीत बंद करने को कहा है.

अफगानिस्तान अपने दूसरे टेस्ट में जीत दर्ज करने वाला तीसरा देश बना

अफगानिस्तान ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सोमवार को पहली जीत दर्ज की. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक देहरादून टेस्ट में उसने आयरलैंड को सात विकेट से मात दी. यह अफगानिस्तान का दूसरा टेस्ट मैच था. बीते साल उसने भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था लेकिन, उसे केवल दो दिनों के भीतर एक पारी और 262 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा था. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बाद अपने दूसरे टेस्ट मैच में जीत का स्वाद चखने वाला अफगानिस्तान तीसरा देश बन गया है. इनके अलावा केवल ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मैच में जीत दर्ज की थी. इस जीत पर टीम के कप्तान असगर अफगान ने कहा, ‘यह एक खास दिन है. मैं टीम के सभी खिलाड़ियों को बधाई देना चाहता हूं.’

बिहार : नवादा से टिकट कटने के बाद गिरिराज सिंह नाराज

बिहार से भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन को लोकसभा चुनाव के दंगल से बाहर कर दिया गया है. वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की नवादा सीट को भी लोजपा के खाते में डाल दिया गया है. अमर उजाला के मुताबिक भागलपुर सीट जदयू के खाते में जाने के बाद शाहनवाज ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. वहीं, गिरिराज सिंह ने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है. बताया जाता है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें बेगूसराय से लड़ने को कहा है. लेकिन, वे नवादा पर अड़े हुए हैं. इस बीच लोजपा के नेता चिराग पासवान ने गिरिराज सिंह को मनाने की बात कही है. वहीं, बेगूसराय से भाजपा एमएलसी और टिकट के एक अन्य दावेदार रजनीश कुमार कहा कि वे अपने लोगों को बेगूसराय में तैयारी करने को कह रहे हैं और नाराजगी भी जता रहे हैं.

दिग्विजय सिंह ने अपनी सीट का फैसला कांग्रेस अध्यक्ष पर छोड़ा

कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने लोकसभा चुनाव में अपनी सीट का फैसला पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी पर छोड़ दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक उन्होंने सोमवार को ट्वीट कर कहा, ‘चुनौतियों को स्वीकार करना मेरी आदत में शुमार रहा है. साल 1977 के चुनाव में जनता दल की लहर होने के बाद भी मैंने राघोगढ़ से जीत हासिल की थी.’ इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से किसी ऐसी सीट पर लड़ने को कहा था जहां कांग्रेस तीन दशक या इससे अधिक वक्त तक चुनाव नहीं जीत पाई है.

महेश गर्ग ‘बेधड़क’ को काका हाथरसी पुरस्कार और हास्य रत्न सम्मान

साहित्यकार महेश गर्ग ‘बेधड़क’ को काका हाथरसी पुरस्कार और हास्य रत्न सम्मान-2018 से पुरस्कृत करने का फैसला किया गया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक उन्हें यह सम्मान काव्य संग्रह ‘ठहाका एक्सप्रेस’ लिखने के लिए दिया जाएगा. यह सम्मान दिल्ली स्थित हिंदी अकादमी द्वारा दिया जाता है. साहित्य के क्षेत्र में काका हाथरसी को हिंदी हास्य-व्यंग्य कविताओं का पर्याय माना जाता है. इससे पहले ‘ठहाका एक्सप्रेस’ के लिए महेश गर्ग को साल 2014 में भारत सरकार द्वारा मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार प्रदान किया गया था.