पहले से ही वित्तीय संकट से जूझ रही निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज के पायलटों ने अब उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. खबरों के मुताबिक जेट एयरवेज के पायलटों ने कंपनी प्रबंधन को धमकी दी है कि अगर 31 मार्च तक उनका बकाया वेतन नहीं चुकाया जाता तो पहली अप्रैल से वे हड़ताल करेंगे. पायलटों की इस धमकी के मद्देनजर माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कंपनी की कई और उड़ानें भी रद्द हो सकती हैं.

इसे देखते हुए नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने मंत्रालय के सचिव को आपात बैठक करने के निर्देश दिए है. इस दौरान नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कंपनी से उन कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लगाने के लिए कहा जो मानसिक रूप से तनाव का सामना कर रहे हैं.

वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज पर करीब एक सौ करोड़ डॉलर करीब (6,895 करोड़ रुपये) का कर्ज है. इसके अलावा पट्टे पर लिए गए विमानों का किराया न चुका पाने की वजह से कंपनी 119 विमानों के अपने बेड़े में से सिर्फ 41 विमानों का ही परिचालन कर पा रही है.

करीब 25 साल पुरानी जेट एयरवेज ने इस संकट से उबरने के लिए अबू धाबी की ऐतिहाद एयरलाइंस से बातचीत शुरू की है. लेकिन इस संबंध में अब तक कोई खास बात नहीं बन पाई है. बताया जाता है कि कंपनी को दिवालिया होने से बचाने के लिए सरकार ने इसमें हस्तक्षेप की मंशा जताई है. इस सिलसिले में बीते सप्ताह बैंकों ने जेट एयरवेज की वित्तीय स्थिति पर समीक्षा रिपोर्ट पेश करके सरकार से सुझाव भी मांगा था.