भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने पश्चिम बंगाल में 13 और लोकसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. सोमवार को पार्टी ने 25 उम्मीदवारों की घोषणा की थी और इस तरह वह राज्य की कुल 42 में से 38 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है.

पीटीआई के मुताबिक सीपीएम ने चार सीटों पर फिलहाल कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं. 2014 के आम चुनाव में इन सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी. इस बीच वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर कहा है, ‘हम कांग्रेस के जवाब का बुधवार शाम तक इंतजार करेंगे. अगर हमें पार्टी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती तो हम बाकी चार सीटों पर भी उम्मीदवार घोषित कर देंगे. वहीं अगर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली तो आज हमने उम्मीदवारों की जो सूची जारी की है, उसमें बदलाव किया जा सकता है.’

बोस ने यह भी उम्मीद जताई है कि कांग्रेस भाजपा और तृणमूल कांग्रेस विरोधी वोटों की ‘अधिकतम एकजुटता’ की अहमियत को समझेगी. इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस से पिछले लोकसभा चुनाव में उसे मिले वोटों के प्रतिशत पर भी ध्यान देने को कहा है. बोस के मुताबिक, ‘पश्चिम बंगाल में ऐसी कई सीटें थीं जिन पर कांग्रेस का वोट शेयर 1.5 प्रतिशत से लेकर दो प्रतिशत तक ही था.’

इधर कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई की समन्वय समिति के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा है कि पार्टी ऐसी ‘धमकियों या अल्टीमेटम’ के सामने नहीं झुकेगी. उन्होंने कहा है, ‘हमारी पार्टी में एक नीति है और उसके मुताबिक फैसले होते हैं. हमें इस मसले पर चर्चा करनी होगी और फिर देखा जाएगा कि क्या होता है.’

कांग्रेस ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की 11 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी. इनमें रायगंज और मुर्शिदाबाद की सीटें भी शामिल थीं जिनपर 2014 में वाम मोर्चे के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी. पार्टी ने यह घोषणा वाम मोर्चे के साथ गठबंधन की बातचीत असफल होने के बाद की थी.