‘भाजपा 70 साल की रट लगाना बंद करे, ऐसी बातों की भी एक एक्सपायरी डेट होती है.’  

— प्रियंका गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव

प्रियंका गांधी ने बात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कही है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘भाजपा के लोगों को जमीन पर आकर स्थिति का आकलन करना चाहिए. मैं हर रोज लोगों से मिल रही हूं. चाहे वह किसान हो या नौजवान, छात्र हो या फिर शिक्षामित्र. आज हर वर्ग के लोग खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं.’ प्रियंका गांधी का यह भी कहना था कि अगर 70 सालों में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया तो भाजपा ही बताए कि बीते पांच साल के कार्यकाल में उसने क्या किया है.

‘जो लोग पूरे परिवार के साथ जमानत पर बाहर हैं उन्हें भाजपा के ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान से परेशानी हो रही है.’  

— रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय कानून मंत्री

रविशंकर प्रसाद ने यह बात पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘कांग्रेस के कुछ लोग कह रहे हैं कि चौकीदार अमीरों के लिए होता है. ऐसा कहने वाले वे लोग हैं जिन्होंने गरीबों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये लूटे हैं.’ रविशंकर प्रसाद का यह भी कहना था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का यह अभियान एक ‘जन अभियान’ बन गया है. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 31 मार्च को इस अभियान से जुड़े लोगों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संवाद करेंगे.


‘पुलवामा आतंकी हमले को भारत कभी नहीं भूलेगा.’  

— अजीत डोभाल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

अजीत डोभाल ने यह बात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 80वें स्थापना दिवस के मौके पर जवानों को दिए अपने संबोधन में कही. इसके साथ ही उन्होंने उस हमले के दौरान शहीद हुए 40 जवानों को श्रद्धांजलि दी. साथ ही यह भी कहा, ‘देश का नेतृत्व ऐसे आतंकी हमलों और इसे बढ़ावा देने वाले तत्वों से कारगर तरीके से निपटने में पूरी तरह से सक्षम है.’ अजीत डोभाल का यह भी कहना था कि ऐसा करने के लिए भारत के नेतृत्व में ‘साहस’ की भी कोई कमी नहीं है.


‘चंद्रबाबू नायडू को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि आंध्र प्रदेश के लोग उन्हें फिर से वोट क्यों देंगे?’  

— प्रशांत किशोर, जनता दल यूनाइटेड के उपाध्यक्ष

प्रशांत किशोर ने यह बात एक ट्वीट के जरिये आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के एक बयान पर पलटवार करते हुए कही है. इसी ट्वीट के जरिये उन्होंने यह भी कहा है, ‘हार की आशंका सबसे अनुभवी राजनेताओं को भी परेशान कर सकती है. इसलिए मैं उनके आधारहीन शब्दों से हैरान नहीं हूं.’ इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने उन्हें बिहार के खिलाफ ‘अपमानजनक भाषा’ का इस्तेमाल नहीं करने की ‘नसीहत’ भी दी है. इससे पहले इसी सोमवार को चंद्रबाबू नायडू ने एक रैली में प्रशांत किशोर को ‘बिहारी डकैत’ बताया था.