कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उनके प्रचार के तौर-तरीकों को लेकर तंज कसा है. उन्होंने कहा है कि नरेंद्र मोदी ने प्राइम मिनिस्टर्स ऑफिस (प्रधानमंत्री कार्यालय) को ‘पब्लिसिटी मिनिस्टर्स ऑफिस’ (प्रचार मंत्री कार्यालय) में तब्दील कर दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने यह बात आज मणिपुर में छात्रों को संबोधित करते हुए कही. इसका एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की असहमति के बावजूद प्रधानमंत्री ने नोटबंदी लागू करने का फैसला किया. फिर इस फैसले को नरेंद्र मोदी ने काला धन बाहर निकलवाने के लिए अपनाए उपाय के रूप में पेश किया.

इसके साथ ही प्रधानमंंत्री पर तंज कसते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी खुद भी प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रचार मंत्री कार्यालय कहे जाने में रुचि रखते हैं. इस मौके पर राहुल गांधी ने मोदी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘उनकी यूनिवर्सिटी डिग्री तक किसी की पहुंच नहीं है. वे यूनिवर्सिटी गए भी हैं या नहीं, इस बारे में भी किसी को कुछ पता नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘उनकी शिक्षा और डिग्री के बारे में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी गई थी. लेकिन संबंधित विभाग ने यह सूचना देने से इनकार कर दिया.’

इस मौके पर राहुल गांधी ने मणिपुर के लोगों को पूर्वोत्तर भारत की परंपरा और संस्कृति की रक्षा करने का वचन भी दिया. उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून पर कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा. साथ ही इसे किसी हाल में पारित नहीं होने दिया जाएगा. गौरतलब है कि लोकसभा में सरकार को यह विधेयक पारित कराने में कामयाबी मिल गई थी. लेकिन विपक्षी दलों के भारी विरोध के चलते राज्यसभा में यह अटक गया था. इस विधेयक का पूर्वोत्तर के राज्यों में काफी विरोध देखा जा रहा है.