कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने अपने खिलाफ दर्ज एक एफआईआर को रद्द करवाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) - 2002 के कुछ प्रावधानों को भी असंवैधानिक घोषित किए जाने की मांग की है. इस अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट 25 मार्च को सुनवाई करेगा. स्क्रोल के मुताबिक रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ यह एफआईआर मनी लॉन्डरिंग के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दर्ज करवाई है.

इससे पहले इसी मंगलवार को ईडी ने अरविंद कुमार की एक विशेष अदालत के सामने रॉबर्ट वाड्रा पर जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए थे. साथ ही जांच एजेंसी ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अपील भी की थी. तब अदालत ने वाड्रा को जांच में सहयोग करने की हिदायत देते हुए 25 मार्च तक के लिए उनकी अंतरिम जमानत बढ़ा दी थी. साथ ही उसी दिन इस मामले की अगली सुनवाई करने के आदेश भी दिए थे.

रॉबर्ट वाड्रा पर ब्रिटेन में लंदन के एक पॉश इलाके ब्रिंस्टन स्क्वॉयर में लग्जरी श्रेणी की नौ संपत्तियां हासिल करने के आरोप हैं. कथित तौर पर उन्होंने ये संपत्तियां मनी लॉन्डरिंग के जरिये भगौड़े हथियार कारोबारी संजय भंडारी से प्राप्त की हैं. इन संपत्तियों की कीमत 110 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की बताई जाती है. इसी सिलसिले में ईडी उनके खिलाफ जांच कर रहा है और पिछले महीने के बाद से कई मौकों पर इस संबंध में उनसे पूछताछ भी कर चुका है.

मनी लॉन्डरिंग के इस आरोप के अलावा रॉबर्ट वाड्रा राजस्थान के बीकानेर और हरियाणा के गुड़गांव व फरीदाबाद में भी कुछ संपत्तियों की खरीद-फरोख्त को लेकर संदेह के घेरे में हैं. इस दौरान उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को निराधार और ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया है. साथ ही विदेश में अपनी कोई संपत्ति होने से भी इनकार किया है.