राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने बुधवार को समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में असीमानंद सहित चारों आरोपितों को बरी कर दिया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. वहीं, कोर्ट ने इस मामले में पाकिस्तान की एक वकील की याचिका भी खारिज कर दी है. पाकिस्तान की रहीला वकील ने कहा था कि किसी वजह से पाकिस्तानी नागरिकों को समन नहीं मिल पाए इसलिए वे चाहती हैं कि अदालत अब उनकी गवाही दर्ज करे. हालांकि, अदालत ने ‘सुनवाई के योग्य’ न मानते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया.

ध्वनि प्रदूषण गंभीर अपराध : एनजीटी

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने ध्वनि प्रदूषण को गंभीर अपराध करार दिया है. साथ ही, शांतिपूर्ण वातावरण में रहने को लोगों का संवैधानिक अधिकार भी बताया है. दैनिक जागरण के मुताबिक एनजीटी ने ये टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की है. वहीं, एनजीटी ने पुलिस से निर्धारित मापदण्ड से अधिक ध्वनि पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है. साथ ही, पुलिस आयुक्त को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित करने वाले अधिकारियों पर निगरानी रखने को भी कहा है. इससे संबंधित याचिका में पूर्वी दिल्ली स्थित मस्जिदों द्वारा लाउडस्पीकरों का गलत तरीके से इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है. अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 12 जुलाई तय की है.

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों में आधे को अब तक पहली किस्त का इंतजार

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के योग्य 2.18 करोड़ लाभार्थियों को अब तक इसका फायदा हासिल होने का इंतजार है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक लाभार्थियों की सूची में शामिल किसानों को 10 दिनों के भीतर इस योजना का लाभ मिल जाना चाहिए. लेकिन, 4.92 करोड़ किसानों में से केवल 56 फीसदी यानी 2.74 करोड़ किसानों को ही अब तक 2,000 रुपये की पहली किस्त हासिल हो पाई है. इस योजना में फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए चार स्तरीय प्रक्रिया बनाई गई है. बताया जाता है कि सभी पात्र लाभार्थी किसानों को पहली किस्त देने की समय-सीमा 31 मार्च तक तय की गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत 24 फरवरी को शुरू की थी. इसके तहत छोटे और सीमांत किसानों (दो हेक्टेयर तक खेत) को एक साल में 6,000 रुपये की रकम दी जाएगी.

2010 में मांग किए जाने के आठ साल बाद सेना को नए हैंडग्रेनेड मिलने की उम्मीद

सिरदर्द बन चुके ग्रेनेड से भारतीय सेना को जल्द ही छुटकारा मिलने जा रहा है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक अभी जिस ग्रेनेड का इस्तेमाल सेना कर रही है, उसके फ्यूज होने की शिकायतें काफी अधिक हैं. बताया जाता है कि रक्षा खरीद परिषद ने 10 लाख नए हैंडग्रेनेड के लिए मंजूरी दे दी है. इन्हें नागपुर स्थित निजी कंपनी इकनॉमिक एक्सप्लोजिव्स लिमिटेड बनाएगी. इस पर करीब 530 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. भारतीय सेना अपने लिए नए हैंडग्रेनेड की मांग साल 2010 से ही कर रही है. उस वक्त इसका डिजाइन डीआरडीओ ने बनाया था और ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड को इसे बनाने की जिम्मेदारी दी थी. लेकिन, बोर्ड के बनाए हुए हैंडग्रेनेड टेस्ट में फेल हो गए.

सोशल मीडिया पर आचार संहिता लागू

फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर मतदान से पहले 48 घंटे तक चुनावी प्रचार की अनुमति नहीं होगी. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा स्वेच्छा से तैयार किए गए आचार संहिता के तहत यह फैसला लिया गया है. बताया जाता है कि इसे बुधवार से लागू कर दिया गया है. साथ ही, यह चुनावी प्रक्रिया के खत्म होने तक प्रभावी रहेगी. इससे पहले इस आचार संहिता को चुनाव आयोग को भी सौंपा गया था. इसके बाद आयोग ने इस बारे में बयान जारी किया. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, ‘संहिता तैयार करना अच्छी शुरुआत है. संबंधित कंपनियों को आचार संहिता में जताई गई प्रतिबद्धता का पूरा पालन करने की आवश्यकता है.’

क्रिकेट विश्व कप के बाद कोच बने रहने के लिए रवि शास्त्री को तय प्रक्रिया से गुजरना होगा

इस साल क्रिकेट विश्व कप के बाद रवि शास्त्री को टीम इंडिया का कोच बने रहने के लिए नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘अनिल कुंबले के समय से ही कोच और सहयोगी स्टाफ के अनुबंधों को बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं रहा है. अगर भारत रवि शास्त्री की कोचिंग में विश्व कर जीतता है तो भी उन्हें फिर से तय नियुक्ति प्रक्रिया से गुजरना होगा. भले ही मौजूदा कोच के तौर पर उन्हें पैनल में सीधे प्रवेश मिल जाए.’ बताया जाता है कि रवि शास्त्री के साथ बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़, गेंदबाजी कोच भरत अरुण और फिल्डिंग कोच आर श्रीधर का अनुबंध विश्व कप में भारत के आखिरी मैच के साथ ही खत्म हो जाएगा.