ब्रेक्जिट से महज हफ्ते भर पहले ब्रिटेन को यूरोपीय संघ (ईयू) से कुछ राहत मिल गयी है. ईयू प्रधानमंत्री टेरेसा मे को ब्रेक्जिट के लिए 22 मई तक का समय देने पर सहमत हो गया है.

पीटीआई के मुताबिक बीते बुधवार को टेरेसा मे ने ईयू से ब्रेक्जिट समयसीमा को कुछ अवधि के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया था जिसे ईयू नेताओं ने स्वीकार कर लिया. शुक्रवार को यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने यह जानकारी देते हुए कहा कि ब्रिटिश सरकार के पास अब भी सौदा करने, सौदा नहीं करने, दीर्घकालिक विस्तार या अनुच्छेद 50 को रद्द करने का विकल्प है.

हालांकि, ईयू ने ब्रिटेन को यह रियायत देने के लिए उसके सामने एक शर्त रखी है. इसके तहत ब्रिटेन की सरकार को वह ब्रेक्जिट मसौदा प्रस्ताव अपनी संसद से पारित कराना होगा जिसे सांसद दो बार नकार चुके हैं. अगर संसद में यह प्रस्ताव पारित नहीं हो पाता है तो ईयू ने ब्रिटेन के लिए 12 अप्रैल की समयसीमा तय की है ताकि वह अगले कदम के बारे में अपना मन बना सके.