भारत और पाकिस्तान बीती 27 फरवरी को एक-दूसरे पर मिसाइल से हमला करने के करीब आ गए थे. भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के पाकिस्तान में पकड़े जाने के बाद दोनों देशों के बीच ऐसे हालात बन गए थे.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अभिनंदन के पकड़े जाने की खबर मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिसाइल हमले पर विचार कर रहे थे. वहीं, भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के सचिव अनिल धसमाना ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर को यह साफ संदेश दे दिया था कि अगर भारतीय पायलट को कोई नुकसान पहुंचा तो हालात बिगड़ सकते हैं. उधर, पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई के तहत मिसाइलों की तैनाती कर दी थी.

अखबार ने सुरक्षा संबंधी कैबिनेट कमेटी के एक मुख्य सदस्य, भारत और पाकिस्तान के नौकरशाहों, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कार्यालय और खुफिया अधिकारियों से बातचीत के आधार पर यह रिपोर्ट प्रकाशित की है. इसके मुताबिक उस समय के हालात से वाकिफ भारत और अमेरिका के अधिकारियों ने बताया कि धमसाना ने आसिम मुनीर से अभिनंदन को छोड़ने को कहा था. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों उच्च खुफिया अधिकारियों के बीच राजस्थान में 12 मिसाइलों की तैनाती को लेकर बातचीत हुई थी.

उधर, भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने अपने अमेरिकी समकक्ष जॉन बोल्टन और विदेश मंत्री माइक पोंपियों से साफ कह दिया था कि अगर अभिनंदन को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया तो भारत और घातक स्थिति के लिए तैयार है. डोभाल और धमसाना ने संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को भी यह संदेश दे दिया था. गौरतलब है कि रॉयटर्स ने भी 17 मार्च को एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत-पाकिस्तान मिसाइल हमला करने के काफी करीब आ गए थे. बाद में हालात संभालने के लिए दूसरे देशों को हस्तक्षेप करना पड़ा था.