इस हफ़्ते अलग-अलग सेगमेंट की तीन प्रमुख गाड़ियों के फेसलिफ्ट वर्ज़न स्पॉट किए गए हैं. इनमें पहला नाम देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति-सुजु़की की हैचबैक ऑल्टो का है. ख़बरों के मुताबिक मारुति-सुज़ुकी ऑल्टो की नई जनरेशन पर काम कर रही है, जिसे अगले साल के शुरुआती महीनों में ही बाज़ार में उतारे जाने की संभावना है. जानकारी यह भी है कि यह नई ऑल्टो, लुक्स के मामले में काफी हद तक कंपनी की कॉन्सेप्ट कार ‘फ्यूचर-एस’ से प्रेरित दिखती है. अपनी हैचबैक ‘इग्निस’ और कॉम्पैक एसयूवी ‘ब्रेज़ा’ के बीच स्लॉट की जा सकने वाली फ्यूचर-एस को मारुति-सुज़ुकी ने सबसे पहले 2018 के ऑटो एक्सपो में शोकेस किया था.

ऑल्टो का जो टेस्ट मॉडल अभी देखा गया है उसे देख समझ आता है कि मारुति-सुज़ुकी सेगमेंट के लिहाज से एक बड़ी गाड़ी लॉन्च करने की तैयारी में है. कार की तस्वीरें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसे किसी माइक्रो एसयूवी जैसी बॉडी मिली है जिसके ग्राउंड क्लियरेंस और केबिन स्पेस में कोई कोताही नहीं बरती गई है. कयास हैं कि नई ऑल्टो की अंडरपिनिंग्स यानी इंटीरियर और एक्सिटिरियर से जुड़ी कई खूबियां हाल ही में लॉन्च हुई नई जनरेशन की वैगन-आर से ली जा सकती हैं. अपने मौजूदा मॉडल और मारुति-सुज़ुकी की अधिकतर गाड़ियों की तरह, नई ऑल्टो को भी टक्कर देने वाली हाल-फिलहाल कोई गाड़ी बाज़ार में नज़र नहीं आती. लेकिन हां! इस साइज़ के साथ मारुति की यह पेशकश; रेनो क्विड और डैटसन रेडी-गो से लेकर ह्युंडई सेंट्रो तक की मुश्किलें ज़रूर बढ़ा सकती है.

टेस्टिंग के दौरान जिस दूसरी प्रमुख कार का नया अवतार सड़कों पर दौड़ता नज़र आया, वह है टाटा मोटर्स की लोकप्रिय हैचबैक टिआगो. इस मॉडल की तस्वीरें बताती हैं कि टाटा इस कार के फ्रंट लुक में आकर्षक बदलाव करने जा रही है. यहां आपको हाल ही में शोकेस की गई प्रीमियम हैचबैक अल्ट्रोज़ जैसे पतले हैडलैंप दिखाई देते हैं. अनुमान यह भी है कि टाटा नई टिआगो फेसलिफ्ट के साथ नया टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दे सकती है जो एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो कनेक्टिविटी से लैस होगा.

इनके अलावा सेफ्टी फीचर्स के मामले में भी नई टिआगो को और बेहतर बनाए जाने की चर्चा है जिनमें ड्राइवर और पैसेंजर के लिए स्टैंडर्ड डुअल एयरबैग्स शामिल हो सकते हैं. साथ ही टिआगो फेसलिफ्ट के साथ जल्द लागू होने वाले सुरक्षा मानकों के लिहाज से रिवर्स पार्किंग सेंसर्स, स्पीड सेंसिंग डोर ऑटो लॉक, हाई स्पीड अलर्ट और सीटबेल्ट रिमाइंडर जैसी खूबियां मिलने की भी पूरी संभावना है. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि टाटा मोटर्स अपनी इस नई पेशकश को बाज़ार में कब तक लाएगी!

इस फेहरिस्त में तीसरा नाम जर्मन ऑटोमोबाइल कंपनी फॉक्सवैगन की सेडान वेंटो का है. कंपनी ने इस कार को आख़िरी बार 2015 में अपडेट किया था. इसके बाद इस कार के कई स्पेशल एडिशन तो उपलब्ध करवाए गए, लेकिन सिर्फ़ इसके टॉप मॉडल में. जानकारों के मुताबिक नई जनरेशन वेंटो को संभवत: 2021 में उतारा जाएगा. ख़बरें बताती हैं कि फॉक्सवैगन नई वेंटो को एमक्यूबी ए0 प्लैटफॉर्म पर तैयार करने जा रही है.

सामने आई तस्वीरों के आधार पर कुछ प्रमुख ऑटोवेबसाइट का कहना है कि नई वेंटो को आगे से आकर्षक बनाने के लिए इसे नए डिज़ाइन का बंपर और बेहतर लुक वाली नई ग्रिल से लैस किया जाएगा. हालांकि वेंटो के रियर लुक में कुछ मामूली बदलावों की ही चर्चा है जिनमें डिपार्चर एंगल पर पतली ब्लैक क्लैडिंग शामिल है. कयास यह भी है कि वेंटो के फेसलिफ्ट वर्ज़न में मौजूदा मॉडल वाले ही पेट्रोल और डीज़ल इंजन लगाए जाएंगे.

नए सेगमेंट में उतरने की टाटा की तैयारी

हैचबैक टिआगो और सबकॉम्पैक एसयूवी नेक्सन के शानदार प्रदर्शन के बाद अब टाटा मोटर्स की निगाहें एंट्री-लेवल सैगमेंट पर हैं. कुछ वर्ष पहले तक लोकप्रिय हैचबैक इंडिका इस मोर्चे पर कंपनी का प्रतिनिधित्व करती थी. लेकिन अब, बिक्री के लिहाज़ से सबसे बड़े माने जाने वाले इस सेगमेंट में टाटा खाली हाथ है. हालांकि आम आदमी की कार के नाम से उतारी गई नैनो के सहारे टाटा को यह जगह भरने की उम्मीद थी. मगर कंपनी के इस सपने का जो हश्र हुआ वह जगजाहिर है.

अब, जब लंबे इंतजार के बाद टाटा मोटर्स की गाड़ियां संतोषजनक प्रदर्शन कर पाने में सफल होती दिख रही हैं, कंपनी इस सेगमेंट में फिर से दस्तक देना चाहती है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टाटा ने आधिकारिक तौर पर यह बात स्वीकार की है कि उसकी (हैचबैक) टिआगो और (कॉम्पैक सेडान) टिगोर के नीचे वाले बाज़ार में काफी संभावनाएं हैं. किंतु अभी उसके पास इस सेगमेंट का कोई उत्पाद नहीं है. अपने इस बयान में कंपनी ने यह भी साफ कर दिया कि वह जल्द ही इस कमी को पूरी करने की योजना बना रही है.

टाटा मोटर्स पहले ही अपने सभी उत्पादों को केवल दो प्लेटफॉर्म - अल्फा और ओमेगा पर बनाने की घोषणा कर चुकी है. इनमें से अल्फा प्लेटफॉर्म के तहत 3.6 मीटर से लेकर लगभग 4 मीटर तक की कारें बनाई जा सकती है. इसलिए यह लगभग तय है कि टाटा की यह नई कार भी इसी प्लेटफॉर्म पर बनाई जाएगी. जानकारी के मुताबिक टाटा मोटर्स जल्द ही टिआगो और टिगोर की नई जनरेशन को भी इसी प्लेटफॉर्म पर तैयार कर सकती है. ख़बरों की मानें तो हाल ही में जेनेवा मोटर्स शो-2019 टाटा ने जिस प्रीमियम हैचबैक अल्ट्रोज़ को शोकेस किया था, वह इस प्लेटफॉर्म पर बनाई जाने वाली सबसे लंबी कार होगी.

स्कोडा ऑक्टेविया का नया एडिशन

चेक गणराज्य की ऑटोमोबाइल कंपनी स्कोडा ने भारतीय बाज़ार की चहेती सेडान ऑक्टेविया का नया एडिशन ‘कॉर्पोरेट’ लॉन्च कर दिया है. स्कोडा ने इस एडिशन को ऑक्टेविया के एंट्री-लेवल बेस मॉडल में उपलब्ध कराया है जिसकी एक्सशोरूम कीमत 15.49 लाख रुपए रखी गई है. वहीं इस एडिशन के डीज़ल वेरिएंट की शुरुआती कीमत 16.99 लाख रुपए (एक्सशोरूम) तय की गई है. हाल-फिलहाल स्कोडा ने इस एडिशन को सिर्फ एक कलर- कैंडी व्हाइट में उपलब्ध कराया है. ख़बरों के मुताबिक ऑक्टेविया के कॉर्पोरेट एडिशन को कंपनी की ही अन्य सेडान सुपर्ब के कॉर्पोरेट एडिशन की तरह एक्सक्लुसिव तौर पर उपलब्ध कराया गया है. यानी जिन ग्राहकों के पास पुरानी स्कोडा कार है, वे उसे इस कार से बदल सकते हैं - नियत राशि ऊपर से चुकाकर.

यदि इस एडिशन के लुक्स की बात करें तो क्वाड्रा हैडलैंप्स व एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट्स (डीआरएल), 16-इंच के वेलोरम अलॉय व्हील्स, सिग्नेचर कूपे रूफलाइन और साइड में दी गई पैनी टोर्नाडो लाइन्स इसे खासा आकर्षक बनाते हैं. हालांकि मौजूदा मॉडल से लिए गए एलईडी टेललैंप्स; कार के रियर लुक को लेकर आपको थोड़ा निराश कर सकते हैं. ऑक्टेविया कॉर्पोरेट एडिशन की प्रमुख खूबियों में स्मार्टलिंक तकनीक पर काम करने वाला और एंड्रॉइड ऑटो के साथ एप्पल कारप्ले कनेक्टिविटी से लैस 6.5-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और टू-ज़ोन क्लाइमेट्रॉनिक एसी शामिल हैं.

कंपनी ने ऑक्टेविया के इस नए एडिशन में सुरक्षा का भी खासा ख्याल रखा है. इस गाड़ी में आपको चार एयरबैग्स, एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) के साथ इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (ईबीडी), हाइड्रोलिक ब्रेक असिस्ट, एंटी-स्लिप रेगुलेशन, मोटर स्पीड रेगुलेशन, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल लॉक, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और मल्टी कोलिज़न ब्रेकिंग जैसे फीचर्स मिलते हैं.

परफॉर्मेंस के मामले में कार के पेट्रोल वर्ज़न को 1.4-लीटर क्षमता के टीएसआई इंजन से लैस किया है जो 148 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 250 एनएम का टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. वहीं इस कार के डीज़ल वेरिएंट में 2.0-लीटर क्षमता का टीडीआई इंजन मिलता है जो 141 बीचपी की पॉवर के साथ 320 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा कर सकता है. कंपनी ने इन दोनों ही इंजन को 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन बॉक्स से जोड़ा है. स्कोडा का दावा है कि कार का पेट्रोल वेरिएंट 16.7 किलोमीटर/लीटर और डीज़ल वेरिएंट 21 किलोमीटर/लीटर माइलेज देता है.