ज़बरदस्त वित्तीय संकट से गुजर रही और दिवालिया होने की कग़ार पर पहुंच चुकी जेट एयरवेज़ से एक महत्वपूर्ण ख़बर आ रही है. इसके मुताबिक एयरलाइंस के संस्थापक नरेश गोयल ने कंपनी छोड़ दी है. उनकी पत्नी अनीता गोयल भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी छोड़ रही हैं. द इकॉनॉमिक टाइम्स की मानें तो जेट एयरवेज़ में 24 फ़ीसदी हिस्सेदारी रखने वाली एतिहाद एयरलाइंस भी आने वाले समय में कंपनी से अलग हो सकती है.

ख़बरों के अनुसार नरेश गोयल अभी लंदन में हैं. उन्होंने वहीं से अपने फ़ैसले के बारे में एयरलाइंस के 23,000 से अधिक कर्मचारियों को अवगत कराया है. नरेश गोयल ने क़रीब 26 साल पहले 1993 में जेट एयरवेज़ की स्थापना की थी. इस एयरलाइंस में उनकी और अनीता गोयल की 51 फ़ीसदी के आसपास हिस्सेदारी है. बताया जाता है कि इस पूरी हिस्सेदारी पर अब जेट एयरवेज़ को कर्ज़ देने वाले बैंकों के समूह (कंसोर्टियम) का अधिकार होगा. बैंकों का यह कंसोर्टियम आने वाले कुछ महीनों के अंदर किसी अन्य बड़े कारोबारी को नरेश गोयल की हिस्सेदारी बेचेगा. तब तक कंसोर्टियम ही एयरलाइन का मालिक होगा.

कहा यह भी जा रहा है कि जेट एयरवेज़ के मौज़ूदा सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) विनय दुबे अपने पद पर बने रहेंगे. वे कंसोर्टियम की देखरेख में कंपनी को ख़राब वित्तीय हालत से बाहर निकालने की कोशिश करेंगे. ख़बर के मुताबिक बैंकों का कंसोर्टियम जेट एयरवेज़ के निदेशक मंडल में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व प्रबंध निदेशक श्रीनिवासन विश्वनाथन को शामिल कर सकता है. श्रीनिवासन अगस्त-2018 तक जेट एयरवेज़ के निदेशक मंडल में स्वतंत्र निदेशक रह चुके हैं. एसबीआई के पूर्व अध्यक्ष जानकी वल्लभ को भी जेट एयरवेज़ के बोर्ड में लाया जा सकता है.