पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति को तमिलनाडु की शिवगंगा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार बनाए जाने का विरोध शुरू हो गया है. कांग्रेस ने रविवार रात अपने उम्मीदवारों की जो सूची जारी की थी उसमें कार्ति चिदंबरम का भी नाम था.

ख़बरों के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री ईएम सुदर्शन नचियप्पन ने कार्ति को शिवगंगा से टिकट देने का विरोध किया है. उनके मुताबिक इस सीट से उनका नाम तय हो चुका था. उन्होंने द हिंदू से बातचीत में कहा, ‘मेरा नाम उम्मीदवारों की सूची में था. इसकी घोषणा होने वाली थी. मुझे पहले दिल्ली में रहने के लिए कहा गया था. फिर नामांकन दाख़िल करने के लिए चेन्नई पहुंचने को कहा गया. इसी बीच पी चिदंबरम ने दख़लंदाज़ी की. उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि उनके पुत्र को टिकट मिल जाए.’

नचियप्पन ने कहा, ‘क्या कार्ति चिदंबरम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं? कांग्रेस पार्टी को उनसे बेहतर कोई उम्मीदवार नहीं मिला? उन पर अदालत में (भ्रष्टाचार का) मामला चल रहा है. अगर अदालत ने जांच एजेंसियों को अपने हिसाब से क़दम उठाने की इजाज़त दे दी तो उनका क्या होगा? उस सूरत में क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी- भाजपा उस मौके का फ़ायदा नहीं उठाएगी?’

ग़ौरतलब है कि नचियप्पन 1999 में कार्ति के पिता पी चिदंबरम को शिवगंगा से ही चुनाव में मात दे चुके हैं. उस वक़्त नचियप्पन तमिल मनीला कांग्रेस के उम्मीदवार थे. बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए. हालांकि उनके विरोध और आरोपों को कार्ति चिदंबरम ने सिरे से ख़ारिज़ कर दिया है. उनका कहना है, ‘मेरे ऊपर सिर्फ़ कुछ आरोप हैं. उनकी जांच चल रही है. अब तक किसी अदालत ने मेरे ख़िलाफ़ कोई आरोप तय नहीं किया है. मैं न ही आरोप तय किए जाने के बाद किसी मुक़दमे का सामना कर रहा हूं.’