ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने माना है कि संसद में अभी भी ब्रेक्जिट को लेकर स्थिति उनके पक्ष में नहीं है. सोमवार को टेरेसा मे ने कहा कि वे अपनी ब्रेक्जिट डील पर अभी तक इतना पर्याप्त समर्थन नहीं जुटा पाई हैं कि इसे तीसरी बार मतदान के लिये संसद में लाया जा सके.

पीटीआई के मुताबिक इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने संसद में कहा, ‘जैसे हालात हैं, उसके मुताबिक समझौते के समर्थन में तीसरी बार सार्थक मतदान के लिये संसद में अब तक पर्याप्त समर्थन नहीं है.’ हालांकि टेरेसा मे ने उम्मीद जताई है कि इस सप्ताह के आखिर तक हालात में बदलाव आ सकता है और कई सांसदों की राय बदल सकती है.

इस दौरान टेरेसा मे ने संसद को यह भी बताया, ‘समर्थन जुटाने के लिये समूचे सदन के साथियों के साथ मैं लगातार चर्चा कर रही हूं ताकि इस सप्ताह हम मतदान की दिशा में आगे बढ़ सकें.’ ब्रिटिश प्रधानमंत्री के मुताबिक सरकार सांसदों को चर्चा करने और ब्रेक्जिट के ऐसे विकल्प की योजना तलाशने के लिये समय देगी जिस पर मतदान में संसद में बहुमत प्राप्त हो सके.

बीते शुक्रवार को ब्रेक्जिट को लेकर ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से कुछ राहत मिली है. यूरोपीय संघ ब्रेक्जिट के लिए ब्रिटेन को 29 मार्च की जगह 22 मई तक का समय देने पर सहमत हो गया है. हालांकि, इसके लिए उसने ब्रिटेन के सामने एक शर्त रखी है. इसके तहत ब्रिटेन की सरकार को वह ब्रेक्जिट डील अपनी संसद से पारित करानी होगी जिसे सांसद दो बार नकार चुके हैं. अगर संसद में यह प्रस्ताव पारित नहीं हो पाता है तो ईयू ने ब्रिटेन के लिए 12 अप्रैल की समयसीमा तय की है ताकि वह अगले कदम के बारे में अपना मन बना सके.