कर्नाटक की प्रतिष्ठापूर्ण बेंगलुरु दक्षिण सीट से टिकट के मसले पर भारतीय जनता पार्टी में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं. भाजपा के दिग्गज और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार इस सीट से छह बार चुनाव जीते. बीते साल नवंबर में उनके निधन के बाद उम्मीद की जा रही थी कि पार्टी इस बार उनकी पत्नी तेजस्विनी अनंत कुमार को इस सीट से प्रत्याशी बनाएगी. लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया. इस पर तेजस्विनी अनंत कुमार ने कहा है, ‘इस फ़ैसले से मुझे ठेस लगी है.’

ख़बरों के मुताबिक भाजपा की कर्नाटक इकाई ने भी तेजस्विनी अनंत कुमार का नाम इस सीट से प्रस्तावित किया था. लेकिन इस सुझाव पर भी ध्यान नहीं दिया गया. इसके बज़ाय पार्टी ने 28 साल के युवा वकील तेजस्वी सूर्या को उम्मीदवार बना दिया. वे कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद से मुकाबला करेंगे. इस फ़ैसले पर तेजस्वी को भी भरोसा नहीं हो रहा है. उन्होंने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद ट्वीट किया, ‘हे भगवान! मैं इस पर यक़ीन नहीं कर सकता. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री और सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष ने मुझ जैसे 28 साल के युवा पर भरोसा किया. वह भी बेंगलुरु दक्षिण जैसी प्रतिष्ठापूर्ण सीट से चुनाव लड़ने के लिए. यह सिर्फ़ भाजपा में ही हो सकता है.’

वहीं तेजस्विनी अनंत कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘यह मेरे और मेरे कार्यकर्ताओं को ठेस पहुंचाने वाला फ़ैसला है. लेकिन मैं अपने आप को समझा रही हूं कि यह समय परिपक्वता दिखाने का है. हमारी पार्टी सबसे अलग है, यह साबित करने का है. मैं पार्टी के फ़ैसले के साथ हूं. मैं अपने समर्थकों से भी यही कह रही हूं कि अगर वे देश के लिए कुछ करने का जज़्बा रखते हैं तो मोदी (नरेंद्र) जी के लिए काम करें. उन्हें फिर प्रधानमंत्री बनाने के लिए काम करें.’ पेशे से सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर तेजस्विनी ने कहा, ‘मैं और मेरे पति हमेशा से देश को सबसे ऊपर रखते आए हैं. फिर पार्टी उसके बाद अपने हित. मेरे लिए ये समय इस बात को अपने काम से साबित करने का है.’