बुधवार को ‘मिशन शक्ति’ के नाम से भारत के एंटी सैटेलाइट मिसाइल (ए-सैट) के सफल परीक्षण के बाद सोशल मीडिया में इसको लेकर ही सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. यहां भाजपा समर्थकों ने जहां इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और अपनी पार्टी की सरकार को दिया है तो वहीं कांग्रेस समर्थक इसे यूपीए सरकार के दौरान शुरू हुआ मिशन बताते रहे. हालांकि इस बहस से इतर फेसबुक और ट्विटर पर आम लोगों से लेकर बड़ी-बड़ी शख्सियतों ने भी देश के वैज्ञानिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी है. लोकप्रिय गायिका लता मंगेशकर का ट्वीट है, ‘भारत के ‘मिशन शक्ति’ की कामयाबी पर मैं हमारे वैज्ञानिकों का और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का अभिनंदन करती हूं. वन्दे मातरम.’

वहीं इससे पहले आज करीब 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा था कि वे 11.45 से 12.00 बजे के बीच देश को एक महत्वपूर्ण ‘संदेश’ देंगे. हालांकि नरेंद्र मोदी ने ए-सैट के सफल परीक्षण की सूचना करीब 12.45 मिनट पर दी और तब तक सोशल मीडिया में पहले वाले ट्वीट को लेकर तरह-तरह की अटलबाजियां देखी गईं. एक बड़े तबके ने इस मौके पर मोदी की नोटबंदी वाली घोषणा के जिक्र के साथ खूब मजेदार टिप्पणियां की थीं. स्टैंडअप कॉमेडियन अतुल खत्री की टिप्पणी थी, ‘सच बताऊं तो मिसाइल वाली घोषणा के पहले मैं सोच रहा था 1. 2000 रुपये का नोट बंद होगा 2. मोदी जी अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा करेंगे 3. दाऊद को वापस लाया जा रहा है 3. 15 लाख हमारे अकाउंट में आ रहे हैं.’

इस बीच यहां कई लोगों ने मोदी पर यह आरोप लगाया है कि उनकी सरकार ‘मिशन शक्ति’ के बहाने लोकसभा चुनावों में मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि मोदी की यह घोषणा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. प्रसिद्ध इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने ट्वीट किया है, ‘इस ऐतिहासिक दिन डीआरडीओ भी उन सरकारी संस्थानों की सूची में शामिल हो गया जिनकी पेशेवर स्वायत्ता और ईमानदारी को एक व्यक्ति की महत्वाकांक्षाओं की भेंट चढ़ा दिया गया है. अब सवाल है कि क्या चुनाव आयोग भी इस सूची में शामिल हो गया है?’

ए-सैट के सफल परीक्षण और इससे जुड़ी बहस पर सोशल मीडिया में आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :

शेखर गुप्ता | @ShekharGupta

ए-सैट बहुत ही कामयाब रहा क्योंकि इसने एक साथ दो निशाने साधे हैं... एक सैटेलाइट और दूसरा हमारे चुनाव आयोग की बची-खुची इज्जत...

योगेंद्र यादव | @_YogendraYadav

मामला राष्ट्रीय सुरक्षा का है? या कुर्सी की सुरक्षा का? ये चुनाव के बीचों-बीच हो क्या रहा है? चुनाव आयोग कहां है? 2012 के काम का 2019 में श्रेय ले सकते हैं तो लीजिए, लेकिन चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम प्रसारण का दुरुपयोग क्यों? चुनाव जीतने के लिए कुछ भी करेंगे?

कीर्तीश भट्ट | @Kirtishbhat

मंजुल | @MANJULtoons

रफाल की छोड़कर बाकी सारी सैन्य क्षमताओं के बारे में ढिंढोरा पीटा जा सकता है. केवल रफाल की जानकारी गुप्त है.

मनु पंवार | @manupanwar

पहले पाकिस्तान को अंतरिक्ष में पहुंचाना पड़ेगा. फिर वहां पाकिस्तान का सैटेलाइट मार गिराना पड़ेगा. तब जाकर चुनावी बहस बदल पाएगी... लेकिन इत्ते में तो चुनाव ही निकल जाएगा.

राजदीप सरदेसाई | @sardesairajdeep

कभी-कभार तो हमारे नेताओं को वैज्ञानिकों को जनता के सामने आने का मौका देना चाहिए. आज ऐसा मौका था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रक्षा वैज्ञानिकों को यह घोषणा करने का मौका दे सकते थे. या फिर बात ये है कि यह चुनाव का मौका है, टीवी पर आने का!

द लाइंग लामा | @KyaUkhaadLega

पर्सनल असिस्टेंट : जनाब इंडिया ने एंटी सैटेलाइट मिसाइल का टेस्ट किया है, अब?
इमरान खान : शांत रहो, मजाक तो खुद उनका उड़ा है... अपने पास तो कोई सैटेलाइट है ही नहीं!

जॉय | @Joydas

इसरो और डीआरडीओ ने जो क्षमताएं हासिल की हैं, उन सब का श्रेय नरेंद्र मोदी को जाता है. आज ये सैटेलाइट को लॉन्च कर सकते हैं और उसे निशाना भी बना सकते हैं. इससे पहले तो ये मकर संक्रांति पर बस पतंग ही उड़ाया करते थे.

उमाशंकर सिंह | @umashankarsingh

मतदान से एक दिन पहले के लिये भी कुछ है क्या पिटारे में?