बिहार में भाजपा के खिलाफ विपक्ष का महागठबंधन संकट की तरफ बढ़ता नजर आ रहा है. कांग्रेस के कई नेता दावा कर रहे हैं कि पार्टी को सीटों के बंटवारे में उचित हिस्सेदारी नहीं मिली है. उन्होंने आलाकमान से मांग की है कि जल्द से जल्द वह इस मामले में हस्तक्षेप करे.

हाल में कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व क्रिकेटर और भाजपा नेता कीर्ति आजाद ने कहा कि वह पार्टी नेतृत्व से अनुरोध करेंगे कि वह निर्णायक कदम उठाए. कीर्ति आजाद महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दबाव से खुश नहीं हैं जो दरभंगा सीट से चुनाव लड़ने पर ही जोर दे रहा है. दरभंगा सीट पर 2014 में मामूली अंतर से हारी राजद इस बार यहां से अपने वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी की उम्मीदवारी के लिये दबाव बना रही है. जबकि कीर्ति आजाद इस सीट से खुद चुनाव लड़ना चाहते हैं.

सुपौल से सांसद रंजीत रंजन ने भी कीर्ति आजाद के नजरिये का समर्थन करते हुए कहा, ‘मैं कांग्रेस आलाकमान से अनुरोध करुंगी कि वह सख्त फैसला ले, जिससे कार्यकर्ताओं के मनोबल को गिरने से रोका जा सके.’ रंजन ने सुपौल जिला राजद प्रमुख और विधायक यदुवंश कुमार यादव के बयान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि मौजूदा कांग्रेस सांसद के सामने उम्मीदवार उतारा जाएगा, भले ही पार्टी उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करे. रंजीत रंजन पप्पू यादव की पत्नी हैं. इस चुनाव में पप्पू यादव भी मधेपुरा से गठबंधन का उम्मीदवार बनना चाहते हैं. जिसके लिए राजद राजी नहीं है. पप्पू यादव ने 2014 में मधेपुरा सीट राजद उम्मीदवार के तौर पर जीती थी, लेकिन एक साल बाद राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था.

महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर बनी सहमति के मुताबिक बिहार में राजद 20 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेगी.जबकि कांग्रेस नौ, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) तीन, रालोसपा पांच सीटों पर, विकासशील इंसान पार्टी तीन और भाकपा (माले) एक सीट पर उम्मीदवार खड़ा करेगी.