छत्तीसगढ़ पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद पुनित गुप्ता के अस्पताल में छापामारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त करने का दावा किया है. रायपुर जिले के पुलिस अधीक्षक शेख आरिफ ने गुरुवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि शहर के गोलबाजार थाना की पुलिस ने राजेंद्रनगर क्षेत्र स्थित जीबीजी किडनी केयर सेंटर में छापा मारकर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं.

आरिफ के मुताबिक रायपुर स्थित डीकेएस पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीटयूट एंड रिसर्च सेंटर के अधीक्षक कमल किशोर सहारे ने गोल बाजार थाने में सेंटर के पूर्व अधीक्षक पुनित गुप्ता और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. किशोर के मुताबिक पुनित ने करीब 50 करोड़ रुपये की आर्थिक अनियमितता कर शासन को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाई.

खबर के मुताबिक शिकायत में किशोर ने कहा था कि आरोपितों ने दिसंबर, 2015 से अक्टूबर, 2018 के बीच सेंटर में अपने कार्यकाल के दौरान नियम विरुद्ध कार्य किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कई शिकायतें मिली थीं जिनके मुताबिक पुनित और अन्य ने अपात्र लोगों से पैसे लेकर नियमों के विरुद्ध भर्तियां की थीं. शिकायत के आधार पर राज्य सरकार ने जांच समिति गठित कर इस मामले की जांच का निर्देश दिया था. समिति ने जांच प्रतिवेदन तैयार कर राज्य सरकार को सौंपा है. खबर के मुताबिक प्रतिवेदन से प्रमाणित होता है कि गुप्ता ने अपने पद और पहुंच का दुरुपयोग कर करीब 50 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में किशोर की शिकायत के बाद गोल बाजार थाने की पुलिस ने गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और राजेंद्र नगर स्थित जीबीजी किडनी केयर सेंटर में छापा मार कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए. पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि इस मामले में पुलिस के सामने पेश होने के लिए पुनित गुप्ता को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए. अब एक बार फिर उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा. उधर, अपने दामाद के अस्पताल में छापा मारने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है.