शिव सेना इस बार पश्चिम बंगाल की 15 लोक सभा सीटों पर भी चुनाव लड़ेगी. पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के महासचिव अशोक सरकार ने यह घोषणा की है.

अशोक सरकार ने बताया कि शिव सेना कोलकाता दक्षिण, दम दम, बसीरहाट, बैरकपोर, जादवपुर, मिदनापोर, कोंटाई, बीरभूम, बोलपुर, बांकुड़ा, बिष्णुपुर, पुरुलिया, मुर्शिदाबाद, नदिया और मालदा उत्तर से अपने उम्मीदवार उतार रही है. इनमें से 11 सीटों के प्रत्याशी घोषित कर दिए गए हैं. जबकि पुरुलिया, बांकुड़ा, मुर्शिदाबाद और नदिया के प्रत्याशियों के नाम शनिवार को घोषित किए जा रहे हैं.

अशोक सरकार ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह हिंदुत्व के नाम पर लोगों को बेवक़ूफ़ बना रही है. उन्होंने कहा, ‘भाजपा हिंदूवादी पार्टी नहीं है. यह एक निजी कंपनी है. इसमें राज्य इकाईयों को पार्टी का जनाधार बढ़ाने का लक्ष्य दिया जाता है. उन्हें यह लक्ष्य पूरा करना होता है. भाजपा के लिए हिंदुत्व सिर्फ़ लोगों की आंखों में धूल झोंकने का एक साधन मात्र है.’

ग़ौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनाव में भी शिव सेना ने 21 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे. उस वक्त पार्टी के सभी उम्मीदवारों को कुल 49,2018 वोट मिले थे. हालांकि इस बार वह जिन लोक सभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार रही है वहां भाजपा को इससे सबसे ज़्यादा नुकसान हाेने का अनुमान लगाया जा रहा है.

यहां यह भी ध्यान रखने की बात है कि महाराष्ट्र में शिव सेना और भाजपा मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. राष्ट्रीय स्तर पर भी दोनों पार्टियां सबसे पुरानी साझीदार हैं. यहां तक कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नामांकन दाख़िल करने के मौके पर शनिवार को शिव सेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी गांधीनगर में ख़ास तौर पर उपस्थिति दर्ज़ कराई है.