बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) से बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ वाराणसी लोक सभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने दावा किया है कि कई पार्टियां उनके संपर्क में हैं. लेकिन वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरेंगे.

तेज बहादुर यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मेरा मक़सद जीत या हार नहीं है. मैं सबके सामने ये बात रखना चाहता हूं कि कैसे सरकार (नरेंद्र मोदी की) ने सेनाओं को, ख़ास तौर पर अर्धसैनिक बलों काे कमजोर किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे जवानों के नाम पर अपने लिए वोट मांग रहे हैं. लेकिन उन्होंने जवानों के लिए कुछ नहीं किया है. पुलवामा आतंकी हमले में हमारे जो जवान (केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल के) मारे गए उन्हें इस सरकार ने शहीद का दर्ज़ा तक नहीं दिया है.’

तेज बहादुर के मुताबिक वे चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार का मसला भी जोर-शोर से उठाएंगे. मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले तेज बहादुर काे 2017 में अनुशासनहीनता के आरोप में बीएसएफ ने बर्ख़ास्त किया था. उन्होंने तब सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था. इसमें बताया था कि कैसे जम्मू-कश्मीर में तैनात जवानों को निम्न दर्ज़े का भोजन खाने के लिए दिया जाता है. तेज बहादुर ने अपनी बर्खास्तगी के आदेश को अदालत में चुनौती दी है. इस पर फ़ैसला नहीं आया है.