अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने भारत के ‘मिशन शक्ति’ को ‘खतरनाक’ बताया है. एनडीटीवी के मुताबिक नासा के प्रमुख जिम ब्रेडेन्सटाइन ने अपने कर्मचारियों को दिए संबोधन में मिशन शक्ति का उल्लेख करते हुए यह बयान दिया है. उनके मुताबिक इस एंटी सैटेलाइट (ए-सैट) मिसाइल परीक्षण से अंतरिक्ष में मलबे के करीब 400 टुकड़े और बढ़ गए हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ये टुकड़े इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं.

खबर के मुताबिक जिम ब्रेडेन्सटाइन ने कहा, ‘(मलबे के) सभी टुकड़े इतने बड़े नहीं हैं कि उन्हें ट्रैक किया जा सके. हम 10 सेंटीमीटर या इससे बड़े टुकड़ों पर नजर रख रहे हैं. ऐसे करीब 60 टुकड़े मिल चुके हैं.’ ब्रेडेन्सटाइन ने कहा कि भारत की ए-सैट मिसाइल ने धरती से 300 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद एक सैटेलाइट को टारगेट किया था. उन्होंने कहा कि यह आईएसएस से काफी नीचे था. लेकिन, नासा प्रमुख के मुताबिक मलबे के कोई 24 टुकड़े आईएसएस से ऊपर चले गए हैं जो काफी खतरनाक है. इस पर उन्होंने कहा, ‘ऐसी गतिविधि भविष्य की अंतरिक्ष उड़ानों के अनुकूल नहीं हैं... यह स्वीकार्य नहीं है और नासा को इसके प्रभाव को लेकर स्पष्ट बात रखने की जरूरत है.’

नासा प्रमुख ने यह भी कहा कि भारत के इस मिशन से मलबे के आईएसएस से टकराने की संभावना 44 प्रतिशत बढ़ गई है. हालांकि धीरे-धीरे यह मलबा खत्म होने से यह खतरा कम हो जाएगा. खबर के मुताबिक अमेरिकी सेना अंतरिक्ष में इसी तरह के ऑब्जेक्ट्स ढूंढ रही है जो स्पेस में आईएसएस या किसी सैटेलाइट से टकरा सकते हैं. फिलहाल ऐसे 23,000 टुकड़ों की तलाश की जा रही है जो 10 सेंटीमीटर से बड़े हैं.