सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात कांग्रेस के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को मंगलवार को झटका दे दिया. शीर्ष अदालत में हार्दिक पटेल ने अहमदाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश के ख़िलाफ़ अपील की थी. साथ ही मांग की थी कि इस पर जल्द सुनवाई की जाए क्योंकि लोक सभा चुनाव का समय है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह मांग ख़ारिज़ करते हुए उन्हीं से पूछ लिया, ‘अभी ऐसी जल्दी क्या है?

दरअसल हार्दिक पटेल के ख़िलाफ़ साल 2015 के पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए दंगा-फ़साद का एक मामला गुजरात की अदालत में लंबित है. इस मामले में निचली अदालत ने हार्दिक पटेल और उनके साथियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें दो साल क़ैद की सज़ा सुनाई है. इस आदेश के ख़िलाफ़ हार्दिक पटेल व अन्य ने अहमदाबाद उच्च न्यायालय में अपील कर रखी है. लेकिन उच्च न्यायालय ने भी हार्दिक पटेल व उनके साथियाें को अब तक दोषमुक्त नहीं किया है.

इसके बाद हार्दिक पटेल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की. इस पर तुरंत सुनवाई की मांग करते हुए उन्होंने शीर्ष अदालत से अपेक्षा की है कि उन्हें दोषी ठहराए जाने से संबंधित फ़ैसले पर रोक लगाई जाए. हार्दिक ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि इस बार वे लोक सभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. कांग्रेस भी उन्हें टिकट देने को तैयार है. लेकिन अगर चार अप्रैल तक (उम्मीदवारों के नामांकन दाख़िल करने की आख़िरी तारीख़) उन्हें दोषी ठहराए जाने से संबंधित फ़ैसले पर रोक नहीं लगी तो वे चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. गुजरात में 23 अप्रैल को मतदान है.