प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वादों को पूरा करने के लिए और पांच साल के कार्यकाल की जरूरत बताई है. उन्होंने यह बात आज बिहार के जमुई में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कही. नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा, ‘जब 70 साल के शासन के बाद कांग्रेस सभी काम पूरे करने का दावा नहीं कर सकती तो मैं पांच साल के बाद यह कैसे कर सकता हूं.’ इस मौके पर उनके साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के नेता व जमुई से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रत्याशी चिराग पासवान भी मौजूद थे.

इसके साथ ही नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा, ‘अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. उन कामों को पूरा करने का माद्दा भी है. इसके लिए निरंतर प्रयास की जरूरत है. लेकिन यह प्रयास सार्थक हों इसके लिए मुझे आप लोगों के निरंतर आशीर्वाद और समर्थन की जरूरत भी है.’

दिलचस्प बात है कि नरेंद्र मोदी ने 2014 के आम चुनाव के प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश में एक सभा को संबोधित करते हुए कुछ इतर दावा किया था. तब उन्होंने कहा था, ‘आप लोगों ने कांग्रेस को 60 साल दिए हैं. आप भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सिर्फ 60 महीने दीजिए. हम 60 महीनों के भीतर विकास के साथ भारत का भविष्य बदलकर दिखाएंगे.’

इधर, आज की चुनावी रैली में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस जब भी सत्ता में आती है तो देश का विकास रिवर्स गियर में चला जाता है. आतंकवाद, महंगाई, हिंसा, भ्रष्टाचार, काला धन हर चीज में वृद्धि हो जाती है. उसके शासन में सच्चाई व ईमानदारी का ह्रास होता है. साथ ही सेना के मनोबल में भी कमी आ जाती है.

जमुई रैली से पहले मंगलवार को ही प्रधानमंत्री ने गया में भी एक जनसभा संबोधित की थी. लेकिन वहां उनके पहुंचने से पहले भीड़ काफी अनियंत्रित हो गई थी. प्राप्त जानकारी के मुताबिक उस दौरान लोगों के बीच एक-दूसरे पर जूते-चप्पल और कुर्सियां फेंकी गईं. तब लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्के बल का इस्तेमाल भी करना पड़ा था.

इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानंमत्री के संबोधन की आलोचना की है. उन्होंने कहा है, ‘नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में निरर्थक बातें ही की हैं. हमने सोचा था कि वे बिहार के लिए कुछ नई योजनाएं लेकर आए होंगे जिनका जिक्र वे आज की रैली में करेंगे. लेकिन उन्होंने नौकरियों, किसानों, मजदूरों और विकास को लेकर भी कोई बात नहीं कही.’