कांग्रेस ने मंगलवार को इस लोक सभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इसमें गरीबों के लिए न्यूनतम आय योजना (न्याय) और किसानों के मसलों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है. पार्टी ने ‘न्याय’ के तहत देश के पांच करोड़ सबसे गरीब परिवारों के लिए कम से कम 72,000 रुपये सालाना आय सुनिश्चित करने का वादा किया है. वहीं, 31 मार्च 2020 तक सरकार के अलग-अलग विभागों में खाली 22 लाख पदों को भरने का भी वादा किया गया है. इनके अलावा कांग्रेस ने आईपीसी की धारा-124-ए (राजद्रोह) को भी रद्द करने का वादा किया.

उधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र को देश को तोड़ने वाला ‘एजेंडा’ बताया है. उन्होंने कहा, ‘अपने घोषणापत्र में कांग्रेस राजद्रोह की धारा 124-ए को हटाने और आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट (एएफएसपीए) की समीक्षा करने की बात कह रही है. ऐसा करके वह जम्मू-कश्मीर में सेना को कमजोर और पत्थरबाजों को मजबूत करना चाहती है. ऐसे वादे करने के लिए लोकसभा के इस चुनाव में कांग्रेस को एक भी वोट नहीं दिया जाना चाहिए.’

200 से अधिक लेखकों ने मतदाताओं से देश में नफरत की राजनीति खत्म करने की अपील की

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले देश के 200 से अधिक लेखकों ने मतदाताओं से अपील की है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इनका कहना है कि मतदाता एक विविधतापूर्ण और समानता वाले भारत के पक्ष में वोट डालें. साथ ही, नफरत की राजनीति को खत्म करने में मदद करें. इन लेखकों में गिरीश कर्नाड, अरुंधति रॉय, अमिताभ घोष, नयनतारा सहगल और रोमिला थापर शामिल हैं. इससे पहले बीते हफ्ते आनंद पटवर्धन सहित 100 से अधिक फिल्मकारों ने भाजपा को वोट न देने की अपील की थी. इन फिल्मकारों का कहना था कि भाजपा के शासन में ध्रुवीकरण और नफरत की राजनीति में बढ़ोतरी हुई है. साथ ही, मुसलमानों-दलितों-किसानों को हाशिए पर डाल दिया गया है. इनके अलावा सांस्कृतिक और वैज्ञानिक संस्थानों को लगातार नुकसान पहुंचाया गया.

दिल्ली : वेंटिलेटर की कमी से एक मरीज की मौत

दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में वेंटिलेटर न होने से एक मरीज को जान गंवानी पड़ी है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक मृतक के बेटे रोहित ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर की कमी बताई लेकिन, किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने में मदद नहीं की. इसके बाद रोहित 30 मार्च को दीपबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास रामपाल से मिला. चिकित्सा अधीक्षक ने आईसीयू में बेड खाली होने की जानकारी दी. हालांकि, न्यूरो सर्जन न होने की वजह से मरीज को भर्ती नहीं कराया जा सका. बीते सोमवार को रोहित ने दिल्ली सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया. लेकिन, किसी भी अस्पताल में न्यूरो सर्जन के साथ वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था. इससे पहले भी लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में वेंटिलेटर न होने से एक बच्चे की मौत हो गई थी.

सूचना आयुक्तों के खिलाफ शिकायत की जांच के लिए समिति बनाने का प्रस्ताव

मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य सूचना आयुक्तों के खिलाफ जांच के लिए सरकार ने कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का प्रस्ताव किया है. दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक सभी आयुक्तों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है. मुख्य सूचना आयुक्त सुधीर भार्गव ने कहा है कि वे इसका जवाब जल्द ही सरकार को देंगे. बताया जाता है कि सरकार ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट के एक नोटिस को लेकर उठाया है. इसमें शीर्ष अदालत ने सूचना आयुक्तों के खिलाफ शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया के बारे में पूछा था. वहीं, पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्यलु ने इसे सूचना आयोग की हत्या की साजिश करार दिया था. साथ ही, उन्होंने इस प्रस्ताव के संबंध में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र भी लिखा है.

अखिलेश यादव, मायावती के दबाव में काम कर रहे हैं : संजय निषाद

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन से अलग होने के बाद निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर मायावती के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है. साथ ही, उन्होंने भाजपा से लोकसभा चुनाव में लड़ने के लिए पर्याप्त सीटें मिलने की भी उम्मीद जाहिर की. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक संजय निषाद ने कहा, ‘हम लोगों ने भाजपा नेतृत्व से बात की है और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है. हमारी ओर से कोई मांग नहीं है. मुझे भाजपा पर विश्वास है.’ हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे अपनी पार्टी के निशान पर चुनाव लड़ना चाहते हैं. उन्होंने सपा-बसपा-रालोद गठबंधन से अलग होने की वजह भी बताई. संजय निषाद ने कहा कि उन्हें सपा के चुनाव चिह्न पर लड़ने के लिए एक सीट देने की बात की गई. उन्होंने इससे पहले दो सीटों- महाराजगंज और गोरखपुर की मांग की थी.

उम्मीदवारों को लेकर तेज प्रताप का तेजस्वी यादव को दो दिनों का अल्टीमेटम

राजद नेता तेज प्रताप यादव ने अपने भाई और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को उम्मीदवारों को लेकर दो दिनों का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने जहानाबाद और शिवहर से अपने करीबियों के लिए टिकट की मांग की है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक तेज प्रताप ने कहा कि उनकी मांग पूरी न होने पर वे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाएंगे और अपने फैसले का एलान करेंगे. इससे पहले उन्होंने राबड़ी देवी से सारण सीट पर चुनाव लड़ने की अपील की थी. साथ ही, तेज प्रताप ने कहा था कि यदि उनकी माता नहीं उतरती हैं तो वे खुद राजद उम्मीदवार के खिलाफ लड़ेंगे. वहीं, राजद के सूत्रों ने इस विवाद के बढ़ने पर पार्टी के टूटने की संभावना से इनकार नहीं किया है.