कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि न्यूनतम आय गारंटी योजना (न्याय) को लागू करने के लिए वे ‘चोर कारो​बारियों की जेब’ से पैसों का इंतजाम करेंगे. उनके इस बयान को आज के कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. राहुल गांधी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि ऐसे चोर कारोबारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी अगुवाई वाली सरकार बचा रही है. कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, ‘एक तरफ चौकीदार (नरेंद्र मोदी) का हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये डलवाने वाला वादा झूठ है तो वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस का ‘न्याय’ सच है.’

देश के 150 से अधिक वैज्ञानिकों ने मॉब लिंचिंग के खिलाफ वोट करने की अपील की

देश के 150 से अधिक वैज्ञानिकों ने मतदाताओं से मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हत्या) से जुड़े लोगों को खारिज करने की अपील की है. साथ ही असमानता, भेदभाव और डर के खिलाफ वोट करने का निवेदन किया है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक इनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर), इंडियन स्टैटिकल इंस्टीट्यूट (आईएसआई), अशोका यूनिवर्सिटी और भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान (आईआईटी) के वैज्ञानिक शामिल हैं. इनके द्वारा जारी बयान में मतदाताओं से सोच-समझकर अपने मताधिकार के इस्तेमाल करने की अपील की गई है. साथ ही, कि वोटरों से वैज्ञानिक स्वभाव के प्रति अपने संवैधानिक कर्तव्य को याद रखने का भी जिक्र किया गया है. इससे पहले 100 से अधिक फिल्मकारों और 200 से अधिक लेखकों ने देश में नफरत की राजनीति के खिलाफ वोट करने की अपील की थी.

पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य योजना के लिए पैसे की कमी

पूर्व सैनिकों और इनके परिवार के लिए बनी एक्स सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूट्री हेल्थ स्कीम (ईसीएसएच) फंड की कमी से जूझ रही है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इसकी वजह से पूर्व सैनिकों को दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं. साथ ही, अस्पताल के बिल भी पास नहीं हो पा रहे हैं. भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी जानकारी रक्षा मंत्रालय को भेजी है. बताया जाता है कि हर साल करीब 60,000 पूर्व सैनिकों और उनके परिवार को मिलाकर करीब दो लाख नए लाभार्थी इस योजना से जुड़ते हैं. इसकी वजह से इस योजना पर खर्च 20 से 25 फीसदी बढ़ जाता है. इस बारे में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीते साल इस योजना के लिए 4,600 करोड़ रुपये की बजट की मांग की थी. लेकिन, केवल 3,200 करोड़ रुपये ही आवंटित हुए.

बिहार : उपेंद्र कुशवाहा दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने दो सीटों-उजियारपुर और काराकाट से लड़ने का एलान किया है. फिलहाल वे काराकाट से सांसद हैं. द इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि काराकाट सीट से उनकी उम्मीदवारी को लेकर मतदाताओं की ओर से कोई अच्छी प्रतिक्रिया नहीं आई थी. इस वजह से कार्यकर्ताओं की मांग थी कि वे दो सीट से लड़ें. बिहार में महागठबंधन के भीतर रालोसपा के हिस्से पांच सीटें आई हैं. इनमें जमुई सीट पर भूदेव चौधरी को लोचपा के चिराग पासवान के खिलाफ उतारा गया है. वहीं, पूर्वी चंपारण सीट पर कांग्रेस राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह के बेटे आकाश कुमार सिंह केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह को चुनौती देंगे. इनके अलावा पश्चिमी चंपारण सीट पर रालोसपा ने भाजपा के संजय जयसवाल के खिलाफ ब्रजेश कुमार कुशवाहा को उतारा है.

दिल्ली : सरकारी जमीनों पर बने निजी स्कूलों में फिलहाल फीस बढ़ोतरी पर रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकारी जमीन पर बने निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी पर फिलहाल रोक लगा दी है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक अदालत ने दिल्ली सरकार की ओर से दाखिल अपील पर अंतरिम आदेश दिया है. सरकार ने न्यायाधीश एस मुरलीधर और न्यायाधीश आईएस मेहता की पीठ को बताया कि एकल पीठ ने न केवल हाई कोर्ट बल्कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भी गलत व्याख्या की है. इससे पहले 15 मार्च, 2019 को एकल पीठ ने इन स्कूलों में फीस बढ़ाने की अनुमति दी थी.

बताया जाता है कि दिल्ली सरकार ने अक्टूबर, 2017 में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन भत्ता बढ़ाने के लिए 15 फीसदी तक फीस बढ़ाने की अनुमति दी थी. हालांकि, इसके बाद अप्रैल, 2018 में सरकार ने इसे वापस ले लिया. दिल्ली सरकार ने कहा कि इन स्कूलों में फीस बढ़ोतरी से पहले इनकी खातों की जांच होगी. सरकार के इस सर्कुलर को हाई कोर्ट की एकलपीठ ने खारिज कर दिया था. पीठ का कहना था कि सरकारी जमीन पर बने निजी स्कूलों को सरकार से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है.

खेल मंत्रालय और साई से मंजूरी में देरी की वजह से एसोसिएशन ने खुद बैडमिंटन कोच अनुबंधित किए

बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बाई) ने खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की ओर से हो रही देरी की वजह से खुद पांच विदेशी कोच अनुबंधित किए हैं. अमर उजाला की खबर के मुताबिक इससे पहले दो विदेशी कोचों को अनुबंधित करने में हो रही देरी की वजह से गंवाना पड़ा था. वहीं, डबल्स के कोच तान किम हर ने इस्तीफा दे दिया था. बताया जाता है कि बाई ने टोक्यो ओलंपिक (2020) की तैयारियों को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह कदम उठाया है. हालांकि, अभी भी खुद बाई को इस बात की जानकारी नहीं है कि वह कब तक इन पांच कोच को वेतन दे सकेगा. बाई ने इस उम्मीद पर यह फैसला किया है कि कुछ महीने बाद खेल मंत्रालय और साई से इनके अनुबंध की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.