राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के सोशल मीडिया अकाउंटों से बुधवार को एक वीडियो क्लिप हटाना पड़ गया. यह वीडियो गुरु ग्रंथ साहिब की रचना ‘मूल मंतर’ (मंत्र) पर किए गए डांस परफॉर्मेंस का था. अकाल तख्त और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) समेत सिख समुदाय के कई लोगों ने वीडियो को राष्ट्रपति के सोशल मीडिया अकाउंटों पर डाले जाने की आलोचना की थी. इसके बाद सभी प्लेटफॉर्मों से वीडियो हटा लिया गया.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यह डांस परफॉर्मेंस बीती 31 मार्च को चिली के सैंटियागो शहर में हुई थी. उस कार्यक्रम में राष्ट्रपति कोविंद ने भी शिरकत की थी. उसके अगले दिन एक अप्रैल को राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल पर इसका वीडियो क्लिप अपलोड किया गया था. वहीं, बुधवार को ट्विटर और फेसबुक से वीडियो हटाए जाने के बाद राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने ट्वीट कर कहा, ‘राष्ट्रपति कोविंद के चिली दौरे के दौरान सैंटियागो में रह रहे भारतीय समुदाय ने उन्हें आमंत्रित किया था. आयोजकों ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा था जिसके कुछ वीडियो राष्ट्रपति के सोशल मीडिया अकाउंटों पर डाले गए थे. यह स्पष्ट किया जाता है कि इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति सचिवालय की कोई भूमिका नहीं थी और इससे कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. (इसलिए) भारत के सभी वर्गों की परंपराओं और विश्वास का ध्यान रखते हुए वीडियो हटा लिए गए हैं.’

उधर, अकाल तख्त के प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अखबार से कहा है कि उन्होंने एसजीपीसी को इस मामले की गंभीर जांच और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, एसजीपीसी के सचिव रूप सिंह ने कहा, ‘हमने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है... राष्ट्रपति खुद ट्विटर पर पोस्ट नहीं करते हैं. उनके कार्यालय को देखना चाहिए कि यह किसने किया. उस व्यक्ति को यह नहीं पता होगा कि इससे सिख भावनाएं आहत होंगी.’

सिख समुदाय के लोग जब भी गुरु ग्रंथ साहिब पढ़ते हैं तो उसकी शुरुआत मूल मंतर (जिसे बीज मंतर भी कहते हैं) और गुरु मंतर से करते हैं. भठिंडा स्थित गुरु गोबिंद सिंह केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हरपाल सिंह पन्नू कहते हैं, ‘जपजी साहिब की शुरुआत मे मूल मंतर पढ़ा जाता है. महत्वपूर्ण रागों और बाणी में भी इसे पढ़ा जाता है. सिख नियमों के तहत यह (आम) गाने के लिए नहीं है. यह (बैकग्राउंड में मूल मंतर चला कर नाचना) ईशनिंदा है.’